हिमालय बचाना है तो पर्यटन की दिशा भी बदलनी होगी

 


गोपेश्वर, 04 अक्टूबर (हि.स.)। हिमालय की जैव विविधता पर बढ़ते दबाव के बीच विशेषज्ञों ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत बताई है। वन्यजीव सप्ताह के तहत सीपी भट्ट पर्यावरण व विकास केंद्र गोपेश्वर की ओर से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में आयोजित चिरंजी लाल व्याख्यान में विद्यार्थियों को हिमालयी पर्यावरण, जैव विविधता और पर्यटन के बीच संतुलन की जानकारी दी गई।

गढ़वाल विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग के परियोजना अधिकारी डॉ. सर्वेश उनियाल ने कहा कि हिमालय सिर्फ खूबसूरत पहाड़ों का क्षेत्र नहीं, बल्कि विविध वनस्पतियों, वन्यजीवों और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र का घर है। पर्यटन की बढ़ती गतिविधियों के बीच इसके संरक्षण के लिए पर्यावरण संवेदनशील और जिम्मेदार पर्यटन जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक और कचरा खुले में न फेंकने तथा वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी रखने की अपील की। कहा कि पर्यटन का मकसद प्रकृति पर दबाव बढ़ाना नहीं, बल्कि उसे समझना और उसके संरक्षण में योगदान देना होना चाहिए।

केंद्र के समन्वयक विनय सेमवाल ने विद्यार्थियों को चिपको आंदोलन के इतिहास और उसकी मातृ संस्था दशोली ग्राम स्वराज्य मंडल के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिमालय और उसके प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में नई पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को केवल अभियान नहीं, बल्कि अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता में क्राइस्ट एकेडमी की आराध्या बिष्ट ने प्रथम, सरस्वती विद्या मंदिर की स्मिता कुंजवाल ने द्वितीय तथा सुबोध प्रेम विद्या मंदिर के वैभव जुयाल और क्राइस्ट एकेडमी की वर्तिका राणा ने तृतीय स्थान हासिल किया। भाषण प्रतियोगिता में सुबोध प्रेम विद्या मंदिर की नितिका चमोला प्रथम, श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल के आराध्य द्वितीय और क्राइस्ट एकेडमी की आराध्या तिवारी तृतीय रहीं।

इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य पराग, शांति प्रसाद भट्ट, सुशीला सेमवाल, चंद्रकला बिष्ट, दिव्या कैलखुरा, मनोज मलसी, मंगला कोठियाल समेत शिक्षक, विद्यार्थी और केंद्र से जुड़े कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल