हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट उप-समिति ने उत्तराखंड एसडीआरएफ की आपदा प्रबंधन की तकनीक काे समझा
देहरादून, 01 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की एक कैबिनेट उप-समिति के सदस्याें ने उत्तराखंड राज्य में जॉली ग्रांट में स्थित एसडीआरएफ परिसर का दौरा कर आपदा प्रबंधन, त्वरित रिस्पॉन्स प्रणाली, अत्याधुनिक बचाव उपकरणों के उपयोग तथा अन्य प्रमुख आपदा-बचाव की जानकारी ली।
हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट उप-समिति का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार काे
उत्तराखंड राज्य के एसडीआरएफ परिसर का दौरा किया। इस अवसर पर एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने प्रतिनिधिमंडल को एसडीआरएफ की संरचना, संगठनात्मक कार्यप्रणाली व राज्य में आपदा प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। सेनानायक यदुवंशी नै प्रतिनिधिमंडल को एसडीआरएफ की त्वरित रिस्पॉन्स प्रणाली, अत्याधुनिक बचाव उपकरणों के उपयोग तथा चारधाम यात्रा एवं अन्य प्रमुख आपदा-बचाव अभियानों में एसडीआरएफ की भूमिका एवं अनुभवों से अवगत कराया गया। इस दाैरान हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड की समान भौगोलिक परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आपदा के समय प्रभावी कार्रवाई, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा रिस्पॉन्स टाइम मैनेजमेंट पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ के उपयोग में लाए जा रहे आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित जटिल रेस्क्यू ऑपरेशनों के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने एसडीआरएफ की प्रशिक्षण शाखा का भी अवलोकन किया गया, जिसमें आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विषयों पर दिए जा रहे प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों पर आधारित मॉड्यूल्स एवं प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने एसडीआरएफ उत्तराखंड की तत्परता, दक्षता व उत्कृष्ट कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए अत्यंत त्वरित एवं पेशेवर राहत एवं बचाव कार्य एसडीआरएफ संपादित कर रहे है। उन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में एसडीआरएफ की कार्यक्षमता, समन्वय क्षमता तथा तकनीकी दक्षता की प्रशंसा की और इसे अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय मॉडल बताया।
भ्रमण दोनों राज्यों के मध्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभवों के आदान-प्रदान, रणनीतिक सहयोग तथा भविष्य में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। इस अवसर पर उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, शांतनु पाराशर, प्रभारी निरीक्षक (प्रशिक्षण) प्रमोद रावत व वाहिनी के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल