हिन्दी समारोह में साहित्यकारों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
हरिद्वार, 11 अक्टूबर (हि.स.)। श्रवण सेवा एवं शोध संस्थान, हरिद्वार तथा अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी सेवा के संयुक्त तत्वावधान में श्रीकृष्ण कृपा धाम, भीमगोड़ा में हिन्दी समारोह का आयोजन किया गया। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज के सान्निध्य में आयोजित समारोह में हिन्दी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और भारतीय संस्कृति में उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर हिन्दी सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों और हिन्दी विषय में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता पूर्व कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र उपस्थित रहे। डॉ. पुष्पारानी ने संयोजिका तथा वरिष्ठ साहित्यकार एवं समाजसेविका श्रीमती रेखा सिंघल ने सहसंयोजिका की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक गिरि ने किया। समारोह में डॉ. सुशील त्यागी, डॉ. बीना वशिष्ठ और लक्ष्मी डबराल को ‘हिन्दी सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं, शिखा सिंघल की गद्य विधा में रचित रेखाचित्र को पुरस्कृत किया गया। हाईस्कूल की परीक्षा में हिन्दी विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया।
हिन्दी के साथ अन्य भाषाओं का ज्ञान भी जरूरी
वक्ताओं ने हिन्दी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का महत्वपूर्ण आधार बताया। डॉ. अशोक गिरि ने कहा कि हिन्दी केवल मातृभाषा, राज्यभाषा, राजभाषा और संपर्क भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर भी है। डॉ. सुशील त्यागी ने श्रेष्ठ लेखन के लिए नियमित अध्ययन को आवश्यक बताया। डॉ. बीना वशिष्ठ ने मातृभाषा के सम्मान पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. ललित नारायण मिश्र ने कहा कि साहित्य सृजन सरस, सरल और सहज होना चाहिए, ताकि उसकी पहुंच समाज के प्रत्येक वर्ग तक हो सके। समारोह के अध्यक्ष प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री ने मातृभाषा के साथ अधिक से अधिक अन्य भाषाएं सीखने की आवश्यकता बताई। श्रीमती विद्योत्तमा बहुगुणा ने ‘आधुनिक शिक्षा एवं गीता के मूल्य-दर्शन’ तथा डॉ. पुष्पारानी ने ‘भारतीय संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में हिन्दी दिवस की प्रासंगिकता’ विषय पर विचार रखे।
कविता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का शुभारंभ वृन्दा शर्मा की सरस्वती वंदना से हुआ। मीनाक्षी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि अपराजिता ने शास्त्रीय नृत्य से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कविता पाठ सत्र का संचालन अभिषेक भारद्वाज ने किया। इसमें वृन्दा वाणी, अपराजिता उन्मुक्त, डॉ. विजय त्यागी, डॉ. दीनदयाल दीक्षित, सुरेन्द्र कुमार, के.पी. सिंह, अमित कुमार, डॉ. मेनका त्रिपाठी, अभिषेक भारद्वाज, एस. कुमार पन्त, रविदत्त वर्मा और पुष्प राज धीमान सहित अन्य रचनाकारों ने अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं।
समारोह में सुभाष कपिल, प्रमोद गिरि, एडवोकेट कुणाल गिरि, चाँद गिरि, पंकज गिरि, अरुण शुक्ल, देवकीनन्दन शर्मा, अमरपाल सिंह और साक्षी भट्ट सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन में चाँद कैटर्स और सरस्वती सप्लाई एजेंसी का विशेष योगदान रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला