हल्द्वानी में दलित नेताओं के अपमान के आरोप में मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की मांग

 


नैनीताल, 01 सितंबर (हि.स.)। रामलीला मैदान हल्द्वानी में गत 8 अगस्त को आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान दलित समाज के लोगों के अपमान का आरोप लगाते हुए नैनीताल निवासी पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष व अधिवक्ता संजय कुमार ’संजू’ ने मल्लीताल कोतवाली पुलिस में शिकायती पत्र देकर कथित शुद्धीकरण कराने वाली संस्था के प्रमुख गिरीश पांडे, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कार्रवाई की मांग की है।

मंगलवार को दिए गए शिकायती पत्र में संजय कुमार ‘संजू’ ने स्वयं को शिल्पकार जाति का सदस्य एवं हल्द्वानी में आयोजित मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा में स्वयं को उपस्थित बताते हुए कहा है कि 10 अगस्त को सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि जनसभा के दौरान गिरीश पांडे सहित कुछ लोगों ने रामलीला मैदान में दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बाद कथित तौर पर गंगाजल का छिड़काव कर हवन-पूजन कराया और मैदान का शुद्धीकरण किया।

ज्ञापन में इसे दलित समाज के लोगों को उनकी जाति के कारण अपमानित करने और छुआछूत एवं अस्पृश्यता को बढ़ावा देने का प्रयास बताया गया है। आरोप लगाया है कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में प्रचार-प्रसार किया गया। उनका कहना है कि इससे दलित समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 की धारा 7 तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(द) के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ज्ञापन में 13 अगस्त 2026 को संसद के मानसून सत्र में रामलीला मैदान के शुद्धीकरण और दलित जाति के अपमान का मामला उठाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

इसके अनुसार, इस मामले पर राज्यसभा में भाजपा नेता जेपी नड्डा की ओर से घटना की निंदा करते हुए सदन को जांच का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 30 अगस्त 2026 के मीडिया में दिए गए कथित बयान और इससे पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयानों का भी उल्लेख किया गया है, और शिकायत में उल्लेखित सभी व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि दलित समाज के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी