हरिद्वार शहर में निर्मित होंगी 206 किमी सीवरेज लाइन, 75 किमी का कार्य पूरा
हरिद्वार, 10 जनवरी (हि.स.)। प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल ने बताया कि केएफडब्ल्यू जर्मन विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित कार्यक्रम गंगा बेसिन राज्यों में पर्यावरण अनुकूल शहरी विकास (गंगा पुनर्जीवन) के अंतर्गत हरिद्वार नगर एवं इसके सैटेलाइट क्षेत्रों में शहरी स्वच्छता अवसंरचना के सुदृढीकरण के लिए कुल 206 किमी सीवर लाईनों का प्रस्ताव किया गया है। प्रस्तावित कुल लंबाई में से लगभग 150 किमी सीवर लाईन कार्य जिसमें पैकेज 1 हरिपुरकंला, भूपतवाला, भीमगौड़ा, हर की पौड़ी से रेलवे स्टेशन, ब्रहमपुरी, पुराना औद्योगिक क्षेत्र आदि के अन्तर्गत 70 किमी. एवं पैकेज-2 कनखल, द्वारिका विहार, राजा गार्डन, गणपति धाम, जगजीतपुर आदि के अन्तर्गत 80 किमी. वर्तमान में प्रगति पर हैं, शेष 56 किमी सीवर लाईन के कार्य निविदा प्रक्रिया में हैं। सम्पूर्ण परियोजना वर्ष 2028 तक पूर्ण की जानी प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 15,000 घरेलू सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे लगभग 3.5 लाख स्थायी जनसंख्या को लाभ मिलने की अपेक्षा है। इस कार्यक्रम से सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सतत अपशिष्ट जल प्रबंधन सुनिश्चित होगा जिसके परिणामस्वरूप जनस्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार, बेहत्तर जीवन-स्तर, पर्यावरण संरक्षण में वृद्धि तथा गंगा नदी के पुनर्जीवन में योगदान मिलेगा। यह परियोजना भूजल प्रदूषण को कम करने और आस-पास के क्षेत्रों की समग्र स्वच्छता में सुधार लाने में भी सहायक सिद्ध होगी।
वर्तमान में सम्पादित किए जा रहे सीवरेज कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक 75 किमी सीवर लाईन का कार्य किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सतत शहरी अवसंरचना विकास, दीर्घकालिक सामुदायिक लाभ तथा गंगा नदी के पुनर्जीवन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। उन्होंने बताया अवगत कराया कि आम जनमानस को परेशानी न हो इसको ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी के निर्देशन में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य तत्परता से किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला