स्व-गणना से समय की बचत और सटीक आंकड़े मिलेंगे: जिलाधिकारी

 


पौड़ी गढ़वाल, 16 अप्रैल (हि.स.)। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना-2027 के अंतर्गत संचालित स्व-गणना अभियान की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया तथा आगामी चरणों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गयी।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाय। कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है, जो नीतिगत निर्णयों, योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार बनती है। ऐसे में इस कार्य को पूर्ण पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर यदि तकनीकी, प्रबंधन अथवा अन्य प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो उसे तत्काल चिन्हित कर संबंधित स्तर पर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों से विकासखंड एवं क्षेत्रवार स्व-गणना की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिन क्षेत्रों में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी पायी गयी, वहां विशेष अभियान चलाकर प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नियमित निगरानी और फील्ड स्तर पर प्रभावी समन्वय के माध्यम से कार्य में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने, उनकी समस्याओं को सुनने तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित एवं सक्षम कार्मिक ही इस महत्वपूर्ण कार्य को बेहतर ढंग से संपादित कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि स्व-गणना की व्यवस्था नागरिकों के लिए एक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक माध्यम है, जिसके माध्यम से वे अपने घर बैठे ही अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि आंकड़े सीधे डिजिटल रूप में दर्ज होने के कारण त्रुटियों की संभावना भी न्यूनतम हो जाती है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जनगणना पोर्टल पूर्णतः सुरक्षित है तथा नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा जाता है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 25 अप्रैल से 24 मई तक सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जनगणना कार्य का सतत एवं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अवधि में यह विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाए कि समस्त कार्य पूर्ण शुद्धता के साथ, बिना किसी छूट अथवा दोहराव के संपादित हो।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रगणकों द्वारा पेपर शेड्यूल के माध्यम से आंकड़े संकलित जाएं, उनकी समस्त प्रविष्टियां अनिवार्य रूप से संबंधित चार्ज स्तर पर पोर्टल में समयबद्ध रूप से दर्ज करायी जाय, जिससे डेटा की शुद्धता एवं एकरूपता बनी रहे। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि प्रगणकों द्वारा कार्य पूर्ण होने के उपरांत जमा किए गए लेआउट मैप्स को चार्ज कार्यालय में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं अभिलेखीय मानकों के अनुरूप संरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में सत्यापन एवं संदर्भ हेतु उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।

बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष पौड़ी हिमानी नेगी व प्रमुख अस्मिता नेगी की स्वगणना की प्रक्रिया भी की गयी। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला खनन अधिकारी अंकित मुयाल, जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला आदि शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह