सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 15 सितम्बर तक उपलब्ध कराएं सूचनाः डीएम
नई टिहरी, 09 सितंबर (हि.स.)। वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा हुए डीएम नितिका खंडेलवाल ने अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मोटर मार्गों के नवनिर्माण कार्यों के लिए वन भूमि हस्तांतरण एवं क्षतिपूरक वृक्षारोपण से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की।
बुधवार को कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में टिहरी विधानसभा के अंतर्गत नैर से पुजाल्डी तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य के लिए क्षतिपूरक वृक्षारोपण के लिए 3.4296 हेक्टेयर वन भूमि के सापेक्ष सिविल भूमि वन विभाग के नाम हस्तांतरित की गई है। डीएम ने एसडीएम धनोल्टी अंशुल भट्ट को निर्देश दिए कि तहसील स्तर से संबंधित भूमि का प्रस्ताव तैयार कराते हुए ग्राम घंसी से संबंधित मूल खसरा, खतौनी एवं नक्शा उपलब्ध कराएं।
धनोल्टी के अंतर्गत एनजीए रोड के कुखड़सारी से नकोट-चक्र, भद्रीसेरा मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण प्रकरण में भी डीएम ने एसडीएम को प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। वहीं ज्वारना-कंस्यूड, प्रतापनगर में रैंका-महरगांव से सदडगांव-मुखेम, कड़ियालगांव से पठोई, धनौल्टी में मसोन-कांडी-द्वारगढ़ पर जयद्वार-सुरांशु तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्यों से संबंधित वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 15 सितम्बर तक सूचना उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। डीएम ने प्रत्येक उपखंड स्तर पर समिति गठित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में डीएफओ टिहरी हिमांशु बागड़ी, एडीएम शैलेंद्र नेगी, एसडीएम आशीष घिडियाल, कमलेश मेहता, मंजू राजपूत आदि मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी