सहकारी समितियों की कम वसूली पर डीएम सख्त स्पष्टीकरण तलब, वेतन रोकने के निर्देश
पौड़ी गढ़वाल, 22 सितंबर (हि.स.)।सहकारी समितियों की कम वसूली पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सहकारी समिति की समीक्षा बैठक में उन्होंने न्यूनतम प्रगति वाली समितियों से स्पष्टीकरण तलब करने के साथ संबंधित समिति सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने समिति सचिवों से फोन पर कम वसूली के कारणों की जानकारी ली और सहायक जिला निबंधक को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने एमपैक्स समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य सितंबर के अंत तक पूरा करने को कहा। बताया गया कि जिले की 114 सहकारी समितियों के सामान्य सुविधा केंद्रों के माध्यम से विभिन्न सेवाएं दी जा रही हैं। डीएम ने इन केंद्रों को किसानों और ग्रामीणों के लिए अधिक उपयोगी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में क्लस्टर आधारित खेती और किसानों की आय बढ़ाने की योजनाओं की भी समीक्षा हुई। एकेश्वर के बनेखखाल, पाबौ के ढिक्वाली और थलीसैंण के हस्यूड़ी में फूल उत्पादन से होने वाले शुद्ध लाभ की जानकारी लेते हुए डीएम ने उत्पादों में विविधता और मूल्य संवर्द्धन पर जोर दिया। उन्होंने बेमौसमी सब्जियों और मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ कुक्कुट वैली परियोजना के लिए एक सप्ताह में पात्र लाभार्थियों का चिन्हीकरण पूरा करने के निर्देश दिए।
डीएम ने बहुराज्यीय सहकारी समितियों की सदस्यता से वंचित समितियों की सूची कारण सहित उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने सहकारी समितियों के बीच समन्वय बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर विकसित करने और दूरस्थ क्षेत्रों में सहकारी बैंक के एटीएम स्थापित करने की संभावनाओं पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने सहकारी समितियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में सहायक जिला निबंधक सुमन कुमार, सीवीओ डॉ. विशाल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, नाबार्ड प्रबंधक हिमांक शर्मा समेत संबंधित अधिकारी और समिति प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह