संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस अपना इतिहास देखे : कुकरेती

 

पौड़ी गढ़वाल, 27 सितंबर (हि.स.)।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नीलकंठ खंड के खंड कार्यवाह अलकेश कुकरेती ने राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग, एसआईआर प्रक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यक्तित्वों को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

कुकरेती ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं से सवाल करने का अधिकार है, लेकिन गंभीर आरोपों के साथ ठोस प्रमाण भी सामने रखे जाने चाहिए। उन्होंने 1975 में कांग्रेस सरकार के दौरान लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में नागरिक स्वतंत्रताओं और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही जरूरी है, लेकिन उनकी गरिमा और राजनीतिक संवाद की मर्यादा का भी सम्मान होना चाहिए।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर भी कुकरेती ने आपत्ति जताई।

उन्होंने 2017 में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत पर की गई टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पदों और व्यक्तित्वों को लेकर भाषा में संयम बरता जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीक्षित बाद में अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग चुके हैं और राहुल गांधी ने भी उस टिप्पणी को गलत बताया था।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह