श्रद्धापूर्वक मनायी जगद्गुरु रामानंदाचार्य की जयंती
हरिद्वार, 10 जनवरी (हि.स.)। भूपतवाला स्थित गदाधर हनुमान मंदिर में जगद्गुरु रामानंदाचार्य महाराज की 726 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। संतों व श्रद्धालुओं ने भगवान् रामानंदाचार्य महाराज की मूर्ति की परम्परानुसार पुष्प अर्पण कर पूजा अर्चना की।
इस अवसर पर जगद्गुरु स्वामी अयोध्याचार्य ने कहा कि जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने जाति व्यवस्था पर सबसे पहले चोट की। उन्होंने समाज के सभी वर्गों को अपने शिष्य के रूप में अपना कर समाज में समानता का संदेश दिया। उनके सभी 24 शिष्य उच्च कोटि के संत हुए। वे सभी भिन्न-भिन्न जातियों के थे।
इस अवसर पर श्रीमंहत परमेश्वर दास अध्यक्ष पंचपुरिया, वैष्णव विरक्त मंडल ने कार्यक्रम में आयें बैरागी संतों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मंहत किशन दास घनश्याम भवन (मंहामत्री), मंहत श्याम दास हनुमान गुफा, (उपाध्यक्ष) श्री राम मंदिर, मंहत रामदास महाराज, सचिदानंद दास, बलराम दास, गोपाल दास, मंहत राघव शरण, पुजारी गणेश दास, मंहत रामदास कोतवाल, मंहत गणेश दास, स्वामी प्रदुमन दास, विकल राठी, एडवोकेट विरेंद्र तिवारी, राजन पुजारी, गोपाल दास, धर्म दास, पंडित उमेश चंद्र भट्ट आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला