शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव : सीएम

 


उत्तरकाशी, 14 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी स्थिति नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया है।

उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है।

बुधवार को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी में आयोजित विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लिए पर्यटन बिजनेस नहीं बल्कि रोजगार का पूरा इंजन है।

यहां वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उत्तराखंड नई पहचान बना रहा है।

उन्होंने बताया कि “शीतकालीन यात्रा” की शुरुआत का उद्देश्य प्रदेश में बारहों महीने पर्यटन की निरंतरता सुनिश्चित करना है। गढ़वाल और कुमाऊं में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की योजना भी इसी दिशा में बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि स्वाभिमान का उत्सव होने के साथ-साथ विकास भी–विरासत भी की सोच को साकार करता है।

सीएम ने कहा कि यह विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति, परंपरा और हमारी विरासत और लोक कलाओं को प्रस्तुत करने का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान से राज्य के सभी पर्यटन क्षेत्रों में शीतकालीन पर्यटन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे, होटल एवं पर्यटन से जुड़े अन्य कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहे हैं और इन क्षेत्रों में पलायन में कमी आई है।

उन्होंने कहा कि शीतकालीन पर्यटन से लोक कलाकारों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने प्रतिभाग किया। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से 50 तथा स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने कॉनक्लेव में भाग लिया। कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी एवं बड़कोट, ट्रैकिंग संगठन उत्तरकाशी और सांकरी के पंजीकृत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।

निम में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया गया तथा उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉन्क्लेव के तहत मां गंगा का शीतकालीन प्रवास मुखबा एवं मां यमुना का खरसाली तथा सांकरी में केदारकांठा ट्रैक बेस केम्प का देश भर के टूर ऑपरेटर भ्रमण करेंगे तथा शीतकालीन टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के बड़े शहर प्रदूषण, बढ़ते तापमान, ट्रैफिक और तनाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड देश का एक “नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन” बन सकता है और सरकार इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेलनेस, नेचर, एडवेंचर, कल्चर, योग, मेडिटेशन और सस्टेनेबल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटर्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ट्रेंड बनाना और किसी डेस्टिनेशन को ब्रांड बनाना आप सभी के हाथ में है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तराखंड को केवल 4 या 6 महीने का नहीं, बल्कि 12 महीने का टूरिज्म स्टेट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की शीतकालीन पर्यटन नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ खाली न रहें, होटल बंद न हों, टैक्सियां खड़ी न रहें, होमस्टे सूने न रहें और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े। जब 12 महीने पर्यटन सक्रिय रहेगा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।

इस मौके पर पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र सिंह चौहान, विधायक सुरेश चौहान,

दर्जा राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल, जगत सिंह चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ.स्वराज विद्वान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट,जिलाध्यक्ष भाजपा नागेंद्र चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के उप प्रधानाचार्य डॉ संतोष कुमार, होटल खन्ना, होटल एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह मटूडा, जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी, समेत देश भर से आये एडवेंचर, टूर ऑपरेटर, टैक्सी एवं ट्रांसपोर्ट से जुड़े व्यवसाय, होटल रिजॉर्ट, होम स्टे से जुड़े शामिल थे।

हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल