शिक्षा के अधिकार के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश की होगी भौतिक जांच, समिति गठित
नैनीताल, 10 अगस्त (हि.स.)। नैनीताल जनपद के हल्द्वानी क्षेत्र में आरटीई यानी शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश और वितरित धनराशि से संबंधित विभागीय रिपोर्ट तथा आरटीई पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं में भिन्नता मिली है। इस पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने ऐसे विद्यालयों में आरटीई के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए हैं और हल्द्वानी क्षेत्र के आरटीई के तहत पंजीकृत विद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन और अभिलेखों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
समिति में नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को अध्यक्ष तथा खंड शिक्षा अधिकारी हल्द्वानी और कोषाधिकारी हल्द्वानी को सदस्य बनाया गया है। समिति वर्ष 2021-22 से हल्द्वानी क्षेत्र के आरटीई के तहत पंजीकृत विद्यालयों का मौके पर निरीक्षण कर संबंधित अभिलेखों की जांच करेगी और आरटीई पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों के आंकड़ों का विभागीय सूचनाओं से मिलान करेगी। सत्यापन के दायरे में आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग, व्हाइट हॉल स्कूल लामाचौड़, व्हाइट हॉल स्कूल एक्सटेंशन हल्द्वानी, केडीएम पब्लिक स्कूल हीरानगर, यूनिवर्सल कॉन्वेंट स्कूल हल्द्वानी, इंस्पिरेशन स्कूल हल्द्वानी, दिल्ली पब्लिक स्कूल हल्द्वानी तथा दी आनन्दा एकेडमी हल्द्वानी सहित संबंधित विद्यालय शामिल हैं।
आदेश के अनुसार आरटीई के तहत निर्धारित 25 प्रतिशत प्रवेश के मानक की तुलना में कुछ विद्यालयों में नामांकन प्रतिशत कम पाए जाने के बाद वास्तविक स्थिति की जांच की जा रही है। समिति को विद्यालयों के निरीक्षण और अभिलेख परीक्षण के बाद एक माह के भीतर स्पष्ट आख्या जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य आरटीई के पात्र विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और सुविधाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करना तथा पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और धरातलीय स्थिति के बीच विसंगतियों को दूर करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी