शांतिकुंज में नौनिहालों के संचालन में हुआ गायत्री महायज्ञ
हरिद्वार, 25 मार्च (हि.स.)। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में इन दिनों साधना और आध्यात्मिकता का विशेष वातावरण बना हुआ है। देश-विदेश से आए हजारों साधक वसुधैव कुटुंबकम् की भावना के साथ गायत्री साधना में जुटे हैं। इसी क्रम में एक विशेष आयोजन के तहत गायत्री विद्यापीठ के नौनिहालों द्वारा वैदिक विधि-विधान से गायत्री महायज्ञ का संचालन किया गया।
यज्ञ में छोटे-छोटे बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास और शुद्ध उच्चारण के साथ मंत्रोच्चार कर भावविभोर कर दिया। यज्ञ में अनेक बच्चों सहित साधकों ने सर्वे भवन्तु सुखिनरू की कामना के साथ आहुतियाँ अर्पित कीं। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र के माध्यम से विश्वकल्याण एवं सद्बुद्धि की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी तथा महिला मंडल की प्रमुख शैफाली पण्ड्या ने यज्ञ में सहभागिता करते हुए नौनिहालों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर शैलदीदी ने कहा कि संस्कारित बाल पीढ़ी ही राष्ट्र का भविष्य संवार सकती है और आध्यात्मिक शिक्षा का समावेश समय की आवश्यकता है।
महिला मण्डल की प्रमुख व गायत्री विद्यापीठ व्यवस्था मण्डल की प्रमुख श्रीमती शैफाली पण्ड्या ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने बताया कि गायत्री विद्यापीठ में भी समय समय पर गायत्री महायज्ञ का आयोजन होता है। यहाँ भी बच्चे यज्ञ का संचालन एवं अन्य यज्ञीय कार्य लगन के साथ करते हैं। यज्ञ का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला