शताब्दी समारोह के बीच देवसंस्कृति विश्वविद्यालय का दीक्षांत कार्यक्रम 19 को

 


हरिद्वार, 17 जनवरी (हि.स.)। पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की तप-साधना, अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा की जन्मशताब्दी तथा सिद्ध अखंड दीप के सौ वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह का शुभारंभ 18 जनवरी को ध्वज वंदन कार्यक्रम के साथ होगा। वहीं, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय (देसंविवि) का सातवां दीक्षांत समारोह 19 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।

दीक्षांत समारोह में लगभग डेढ़ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को स्नातक, परास्नातक एवं डॉक्टरेट की उपाधियां प्रदान की जाएंगी। यह समारोह भारतीय संस्कृति आधारित उच्च शिक्षा की विशिष्ट पहचान को और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर आध्यात्मिक संतों के साथ-साथ राज्य के उच्च शिक्षामंत्री धन सिंह रावत सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

इसी दिन सायंकाल मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से आए आदिवासी स्वयंसेवकों का विशाल आदिवासी सम्मेलन भी आयोजित होगा, जो उनके सामाजिक, सांस्कृतिक और आत्मिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगा। उधर, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज परिसर में सातवें समावर्तन समारोह के अंतर्गत कुलपताका आरोहण के साथ औपचारिक शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या द्वारा वैदिक ऋचाओं के संयुक्त उद्घोष के साथ कार्यक्रम का आरंभ हुआ।

इस समूचे आयोजन के माध्यम से युगऋषि द्वारा प्रतिपादित युग निर्माण विचारधारा, नैतिक उत्थान एवं आध्यात्मिक जागरण का संदेश व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा। कुलसचिव बलदाऊ देवांगन ने बताया कि विद्यार्थियों को व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि युगऋषि के स्वप्न का सशक्त, सुसंस्कृत और आत्मनिर्भर भारत साकार हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला