विद्यार्थियों को रोजगार, नौकरी और उद्यमिता के अवसरों की दी गयी जानकारी
नैनीताल, 30 अक्टूबर (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में पीएम-उषा मेरु परियोजना के अंतर्गत दो दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम ‘शेपिंग द फ्यूचर’ का आयोजन किया गया। शुक्रवार को आयोजन के दूसरे दिन कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रोजगार, नौकरी और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी देने के साथ करियर निर्माण के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने के बारे में बताया गया।
दूसरे दिन शैफलर इंडिया लिमिटेड के क्षेत्रीय औद्योगिक व्यवसाय प्रमुख संदीप जोनाथन सिंह ने विद्यार्थियों को संवाद कौशल, प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयास के महत्व से अवगत कराया। दूसरे सत्र में डीएडब्ल्यूजी एनर्जी के सह-संस्थापक रोहन पाठक ने कम पूंजी से व्यवसाय शुरू करने के अनुभव साझा करते हुए बाजार की मांग और लोगों की जरूरतों को समझने की सलाह दी।
समापन समारोह की शुरुआत कुलपति प्रो. सतपाल सिंह ने निदेशक प्रो. संजय पंत, प्रो. महेश जोशी और रोहन पाठक के साथ दीप प्रज्वलित कर की और लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत और लगन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा संकाय के अध्यक्ष प्रो. ललित मोहन तिवारी ने संचालन किया तथा प्लेसमेंट सेल निदेशक प्रो. गीता तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया।
डॉ. गिबू साबू ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रो. एमसी जोशी ने विद्यार्थियों को नवीनतम साहित्य पढ़ने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग सहायक साधन के रूप में करने की सलाह दी। दो विद्यार्थियों ने कार्यशाला के अनुभव साझा किये। इस अवसर पर कुलपति को जंतु विज्ञान विभाग की ओर से सुनहरी तितली की स्मृति-भेंट तथा प्लेसमेंट सेल की ओर से शोधार्थी श्रेया जुकरिया का बनाया हस्तनिर्मित गमला भेंट किया गया।
प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किये गये। कार्यक्रम में डॉ. गिरीश खरवाल, डॉ. राशि, शोधार्थी मनीषा जोशी, आयशा, श्रेया जुकरिया, अंकिता, पूजा, लता नितवाल, भावना पांडे, खुशी और अंशिका थुवाल सहित विद्यार्थी 120 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी