विद्यार्थियों और स्थानीय समूहों को दी नवाचार, उद्यमिता और स्वरोजगार की जानकारी
नई टिहरी, 24 सितंबर (हि.स.)। टीएचडीसी इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रो पावर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (टीएचडीसी-आईएचईटी) भागीरथीपुरम नई टिहरी में उत्तराखंड ग्रामीण विकास समिति के सहयोग से ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (रीप) ग्रामोथान के तहत स्टार्टअप व उद्यमिता बूट कैंप आयोजित किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं को कौशल विकास निखारने और नौकरी मांगने वाले की बजाय नौकरी देने वाला बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कैंप में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों ने भी प्रतिभाग किया। वीरवार को ग्रामोत्थान के डीपीएम बीके भट्ट, आईआईएम काशीपुर के प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार, रोशनी मूंगा ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि ग्रामोत्थान योजना के तहत सरकार उद्यमिता विकास को बढ़ावा देकर स्वरोजगार के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने का कार्य का रही है। संस्थागत नवाचार परिषद की प्रमुख डॉ. रमना त्रिपाठी और कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार ने उद्यमिता विकास एवं बूट कैंप के उद्देश्यों की जानकारी दी।
आईआईएम काशीपुर के डॉ. आशीष ने प्रतिभागियों को स्टार्टअप एवं नए व्यावसायिक विचारों के विकास से संबंधित उपयोगी जानकारी व मार्गदर्शन दिया। कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं स्थानीय समूहों में नवाचार, उद्यमिता और स्वरोजगार की भावना को बढ़ावा देना है। उन्हें अपने विचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक परामर्श देकर प्रोत्साहित करना भी है।
इस दौरान टीएचडीसी-आईएचईटी के विद्यार्थियों ने नवीन विचार एवं स्टार्टअप अवधारणाएं विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत कीं। एक्सपर्ट से सवालों के जवाब भी मांगे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी