वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ एवं पारदर्शी करने के उद्देश्य से कार्यशाला

 


हरिद्वार, 25 फ़रवरी (हि.स.)। वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ एवं पारदर्शी करने के उद्देश्य से महालेखाकार मोहम्मद परवेज आलम की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में जिलास्तरीय अधिकारियों एवं आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। अपने संबोधन में महालेखाकार उत्तराखंड मोहम्मद परवेज आलम ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को सुदृढ करना एवं उसमें पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है।

इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना, सामान्य भविष्य निधि से जुड़ी जागरूकता बढ़ाना, मिलान की प्रक्रियाओं में सुधार करना तथा लेखांकन कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के क्षमता-विकास कार्यक्रम राज्य के विभिन्न जिलों में नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि महालेखाकार एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वित्तीय प्रबन्धन के संबंध में जो भी जानकारी दी जा रही है,सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ ग्रहण करे ताकि वित्तीय मामलों में किसी प्रकार की समस्या न होने पाए।

इस वित्तीय साक्षरता कार्यशाला में बजट निर्माण, सरकारी लेखांकन में प्राप्ति एवं व्यय, जीपीएफ से संबंधित मुद्दे और उसके समाधान, बकाया एसी, डीसी बिलों का निपटान, श्रम उपकर का परिचय एवं लेखांकन तथा ट्रेजरी इंस्पेक्शन आदि के संबंध में पीपीटी के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई गई।

कार्यशाला में मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार, वरिष्ठ उप महालेखाकार लोकेश दताल, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं व्रजस्व दीपेंद्र सिंह नेगी, उप महालेखाकार सुभाष चंद्र ममगाई, वरिष्ठ खंडीय लेखा अधिकारी सुनील निगम सहित महालेखाकार के अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी एवं आहरण वितरण अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला