लिंग, भाषा, धर्म, जाति के आधार पर भेदभाव की इजाजत नहीं देता संविधानः सकलानी

 


नई टिहरी, 28 सितंबर (हि.स.)। लोक चेतना मंच रानीखेत की पहल पर जीजीआईसी चंबा में लैंगिक समानता एवं संवेदनशीलता जन जागरूकता अभियान के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें विद्यार्थियों से फीडबैक और सुझाव लिए गए। सोमवार को जीजीआईसी परिसर चंबा में कार्यक्रम समन्वयक हेंवल घाटी ग्रामीण विकास मंच के कम्युनिटी मोबिलाइजर धूम सिंह मंद्रवाल लैंगिक समानता व संवेदनशीलता के महत्व व उद्देश्य बताए। कहा सामूहिक प्रयास से निरंतर चल रहे जागरूकता कार्यक्रम को सुगम बनाना ही मंच का उद्देश्य है।

मुख्य वक्ता शिक्षाविद् सोमवारी लाल सकलानी ने लैंगिक समानता का अर्थ, महत्व, उद्देश्य बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ लिंग, भाषा, धर्म, जाति, रंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता है। भारत के संविधान के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति समान है।

समान कार्य के लिए समान वेतन देना, महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार हमारा संविधान देता है। समयानुसार घटते-बढ़ते लिंगानुपात के बारे में भी रूबरू कराया। बताया कि थौलधार ब्लॉक महिलाओं जबकि चंबा पुरुषों का अनुपात ज्यादा है।

प्रधानाचार्य अंजू चौहान ने लोक चेतना मंच का का आभार जताया। बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत निबंध प्रतियोगिता में कशिश, अपर्णा, सानिका, चित्रकला में मुस्कान, इशिता और प्राची, भाषण में शिवानी, अलका और संजना जबकि फिट इंडिया खेल प्रतियोगिता में निहारिका, हर्षिता और इशिता क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी