लांजी गांव मे नहीं थम रहा भालूओं का आतंक, फिर एक बैल को बनाया निवाला

 


ज्योतिर्मठ, 16 सितंबर (हि.स.)। ज्योतिर्मठ प्रखंड के लाँजी गाँव के ग्रामीण आए दिन भालूओं के हमले से परेशान हैं, गत वर्ष भालूओं ने गांव मे दो गौशालाओं को फाड़ कर वहाँ बंधी गाय व बछिया को निवाला बनाया तो इस वर्ष भी भालू ने गौशाला मे घुसकर एक बैल को निवाला बना डाला। लगातार हो रहे भालूओं के हमलों से ग्रामीणों के सामने जीवन रक्षा के साथ गुजर बसर की भी समस्या होने लगी है, खेती को जंगली जानवरों के आतंक के कारण छोड़नी पड़ रही तो दुग्ध व्यवसाय पर भालू हमला कर रहा है।

लाँजी गाँव मे भालू के हमलों की घटना से परेशान ग्रामीणों ने रात्रि गश्त करने व नुकसान के मुआवजे की मांग की है।

गत वर्ष नवंबर एवं दिसंबर माह मे लाँजी गाँव के दरमान सिंह एवं पूरण सिंह की गौशालाओं को फाड़ कर गाय व बछिया को निवाला बनाया था, उस दौरान वन बीट अधिकारी व वन पंचायत सरपंच की मौजूदगी मे सयुंक्त जाँच भी की गई लेकिन पीड़ित ग्रामीणों को आज तक भी मुआवजा नहीं मिल सका। इस वर्ष भी बीती 11 सितंबर को भालू ने गौशाला की छत फाड़ कर मुकेश सिंह भण्डारी के बैल को ही मार डाला, इस घटना की भी वन विभाग की मौजूदगी मे सयुंक्त जाँच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।

लाँजी के वन पंचायत सरपंच दिनेश राणा ने बुधवार को बद्रीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर मे विभागीय अधिकारियों से भेंट कर गरीब ग्रामीणों को मुआवजा राशि दिए जाने का आग्रह किया। संपर्क करने पर बद्रीनाथ वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी विकास दरमोड़ा ने बताया कि लाँजी गाँव मे भालू के हमले की घटनाओं का प्रकरण उनके सामने आया है, उन्होंने कहा कि गत वर्ष की दो घटनाओं मे से एक घटना की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त हुई है उसका मुआवजा शीघ्र दिया जाएगा, जबकि गत वर्ष की ही दूसरी घटना व इस वर्ष की घटना विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने हेतु रेंज कार्यालय को निर्देशित किया गया है।

भालू के हमलों से न केवल ग्रामीण क्षेत्र बल्कि जोशीमठ नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों मे भालू दस्तक दे रहा है, जिसके कारण लोग अंधेरा होते ही घरों मे दुबकने को विवश हो रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण