रोहालकी इंटर कॉलेज प्रकरण: गबन सिद्ध होने के बाद प्रबंधक हटाए

 

हरिद्वार, 31 मार्च (हि.स.)। बहादराबाद क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, रोहालकी में वित्तीय अनियमितताओं और प्रबंधन विवाद को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। शिक्षा विभाग की जांच में कॉलेज के प्रबंधक जयंत चौहान पर 12 लाख 96 हजार 140 रुपये के गबन का आरोप सिद्ध होने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करते हुए उन्हें प्रबंधक पद से हटा दिया है।

बताया गया है कि पद से हटाए जाने के बाद जयंत चौहान ने सहयोगी और प्रबंध समिति के अध्यक्ष अजय चौहान के माध्यम से कॉलेज के प्रधानाचार्य और कनिष्ठ सहायक को कथित रूप से बदले की भावना से नियम विरुद्ध निलंबित कर दिया।

इस कार्रवाई का संज्ञान लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी, हरिद्वार ने जांच के बाद अध्यक्ष अजय चौहान द्वारा जारी निलंबन आदेशों को तत्काल प्रभाव से प्रभावहीन कर दिया और उन्हें कड़ी चेतावनी जारी की है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि प्रबंध समिति को किसी भी शिक्षक या कर्मचारी को निलंबित करने से पहले मुख्य शिक्षा अधिकारी से अनुमोदन लेना अनिवार्य है, जबकि इस मामले में न तो कोई जांच कराई गई और न ही विभागीय अनुमति ली गई।

मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा अधिनियम 2006 और विनियम 2009 के तहत किसी भी शिकायत या अनुशासनात्मक मामले में पहले जांच समिति गठित कर जांच कराई जानी चाहिए। दोष सिद्ध होने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई संभव है।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रबंध समिति के अध्यक्ष को किसी शिक्षक या कर्मचारी को सीधे निलंबित करने का अधिकार प्राप्त नहीं है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने अध्यक्ष अजय चौहान को निर्देश दिया है कि वे नियम विरुद्ध कार्रवाई के संबंध में तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें, अन्यथा प्रबंध समिति को भंग करने की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इस पूरे प्रकरण से कॉलेज प्रबंधन में हलचल मची हुई है और शिक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला