रोजगार के लिए डिग्री के साथ कौशल भी जरूरी
पौड़ी गढ़वाल, 15 सितंबर (हि.स.)। डॉ. बीजीआर परिसर पौड़ी के समाजशास्त्र विभाग और नांदी फाउंडेशन (महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप की सीएसआर पहल) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को एम्प्लायबिलिटी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं में संचार कौशल, साक्षात्कार की तैयारी, व्यक्तित्व विकास और करियर संबंधी जागरूकता विकसित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए परिसर निदेशक प्रो. उमेश चंद्र गैरोला ने कहा कि मौजूदा प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। रोजगार के लिए व्यवहारिक और व्यावसायिक कौशल भी जरूरी हैं। उन्होंने छात्राओं से प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी कर इसका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. किरन बाला ने कहा कि बदलते दौर में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नए कौशल सीखने की जरूरत है। प्रशिक्षण से छात्राओं को अपनी क्षमताएं पहचानने, आत्मविश्वास बढ़ाने और रोजगार के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी। भूगोल विभागाध्यक्ष सीनियर प्रोफेसर अनीता रूडोला और इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. रिहाना जैदी ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को बालिका सशक्तीकरण और रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
नांदी फाउंडेशन के प्रशिक्षक हर्षवर्धन सैनी और शुभम वर्मा ने प्रशिक्षण की रूपरेखा और रोजगारपरक कौशलों की उपयोगिता की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को संचार, इंटरव्यू और कार्यस्थल से जुड़े व्यवहारिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया। प्रशिक्षण में करीब 60 छात्राएं प्रतिभाग कर रही हैं। आगामी सत्रों में करियर निर्माण, इंटरव्यू तैयारी, प्रभावी संचार और कार्यस्थल व्यवहार सहित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. धारणा शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रो. कुसुम डोबरियाल, डॉ. बिंदु, डॉ. ल्हामु, डॉ. आशा बिष्ट, डॉ. बिमला चमोला, डॉ. नवनीत, डॉ. ललिता, डॉ. सुरेखा, डॉ. अंकिता बिष्ट सहित अन्य प्राध्यापक, शोधार्थी बलवंत सिंह बंशिवाल, रुखसार परवीन और राखी सती मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह