रुड़की में सनातन महाकुंभ, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने की अध्यक्षता

 


रुड़की, 27 सितंबर (हि.स.)। ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ के संस्थापक आचार्य रमेश सेमवाल महाराज के जन्मदिवस पर रामनगर चौक स्थित होटल में अखिल भारतीय सनातन महाकुंभ का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी ने की।

महंत रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म एक प्राचीन और अनंत परंपरा है, जिसकी मूल भावना मानव कल्याण और लोकमंगल से जुड़ी है। भारतीय सनातन परंपरा सदैव 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की भावना के साथ समाज कल्याण का संदेश देती रही है। उन्होंने संत परंपरा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा वेद, उपनिषद और ऋषियों की तपस्या से बनी है। नई पीढ़ी को संस्कृति और शास्त्रों से जोड़ना समय की जरूरत है। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने भी सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका पर विचार रखे।

महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद महाराज ने कहा कि सनातन केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की पद्धति है। वेदमूर्ति महाराज, ललितानंद महाराज, विजयनाथ महाराज, गंगोत्री धाम के रावल शिव प्रकाश महाराज, ज्योतिष गुरु डॉ. पवन सिन्हा, आचार्य शुभेश शर्मा सहित अनेक विद्वानों ने धर्म, ज्योतिष और वेद-वेदांत पर चर्चा की।

आयोजक आचार्य रमेश सेमवाल महाराज ने सभी संतों का आभार जताया और कहा कि वेद, गीता, गंगा और ऋषि परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर हैं। कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, दीपक गैरौला सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला