भुवनेश्वरी में संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ, शोभायात्रा में नजर आई सांस्कृतिक झलकियां
पौड़ी गढ़वाल, 25 अगस्त (हि.स.)। देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृत परंपरा को आगे बढ़ाने तथा विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति प्रेम, रुचि और गौरव की भावना जागृत करने के उद्देश्य से ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय, भुवनेश्वरी में मंगलवार से संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ हुआ। सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रम के प्रथम दिन विद्यालय परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
शोभायात्रा के बाद विद्यालय में शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षक नवीन जुयाल और प्रधानाचार्य अनयूया प्रसाद ने कहा कि संस्कृत केवल प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, विज्ञान, संस्कृति और संस्कारों की सशक्त वाहक है। संस्कृत के अध्ययन से विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार, आत्मविश्वास और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गौरव की भावना विकसित होती है।
डॉ. नवीन ममगाईं ने संस्कृत गीत के माध्यम से संस्कृत दिवस एवं संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत के उपासक होने का सौभाग्य प्राप्त होना हम सभी के लिए गौरव की बात है। डॉ. अनूप कुकरेती ने बताया कि संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत विद्यालय में विभिन्न शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें संस्कृत संभाषण, श्लोक-पाठ, संस्कृत गीत, भाषण तथा भारतीय संस्कृति पर आधारित नाटक सहित अनेक मनमोहक कार्यक्रम शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ के अवसर पर विद्यालय परिसर ‘ग्रामे ग्रामे संस्कृतम्’ सहित संस्कृत भाषा के संदेशों से गूंज उठा। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के उत्साह ने पूरे कार्यक्रम को आकर्षक और जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में आशीष डबराल, कमलदीप पोखरियाल, अंकित मैठाणी, ईशान डोभाल, नीरज पटवाल, मयंक सुंदरियाल, रामेश्वर वैष्णवी सहित विद्यालय परिवार के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह