भीमगोड़ा-खड़खड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर हंगामा, व्यापारियों के विरोध के बाद रुका अभियान

 


हरिद्वार, 04 जून (हि.स.)। आगामी कुम्भ एवं कांवड़ मेले की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासन द्वारा हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को भीमगोड़ा और खड़खड़ी क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान भीमगोड़ा स्थित रेलवे बाउंड्री के अंदर बने अवैध टीनशेड, तिरपाल और खोखा-पटरी की दुकानों को हटाया गया। प्रशासन की कार्रवाई में करीब 40 से 50 अस्थायी खोखे ध्वस्त किए गए। इस दौरान अपनी तिरपाल हटाने का प्रयास कर रहा एक व्यक्ति छप्पर से नीचे गिरकर घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए भेजा गया।

कार्रवाई के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब जेसीबी मशीन सुविधा होटल क्षेत्र में पहुंची। यहां स्थायी दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। वहीं खोखा-पटरी दुकानदारों ने भी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप था कि रेलवे भूमि पर बने उनके खोखों को हटाया जा रहा है, जबकि नालों पर किए गए स्थायी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।

स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद प्रशासन की टीम पंजाब सिंध क्षेत्र पहुंची, जहां अमृतसरी वैष्णव ढाबा और शिव भोजनालय के ऊपर लगे बोर्डों को भी हटाया गया। इस कार्रवाई का स्थानीय व्यापारियों ने विरोध किया और कई दुकानदार जेसीबी मशीन के आगे लेट गए।

बढ़ते विरोध के बीच सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव, व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष संजीव नैय्यर तथा स्थानीय व्यापारियों के बीच वार्ता हुई। बातचीत के बाद सहमति बनने पर प्रशासन ने फिलहाल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी।

मौके पर तरुण नैयर, अजय अरोड़ा, निक्की, अनुज गुप्ता, बलकेश राजोरिया, गौरव सचदेव, वैभव सुखिजा, अंकन जैन, पंकज सुखिजा सहित सैकड़ों व्यापारी और दुकानदार मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला