ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय में हर्षोल्लास से मनाया शिक्षक दिवस
पौड़ी गढ़वाल, 05 सितंबर (हि.स.)। कोट विकासखंड के ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने गुरुजनों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को रेखांकित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोक, गीत, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार और गुरु के प्रति सम्मान की सुंदर झलक देखने को मिली।
विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम की शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और जीवन-मूल्यों का मार्गदर्शन करने वाले प्रेरणास्रोत हैं। गुरुकुल परंपरा पर आधारित विद्यालय में शिक्षक दिवस का आयोजन विशेष रूप से भावपूर्ण रहा। विद्यार्थियों ने शिक्षकों को पुष्प भेंट कर शुभकामनाएं दीं और उनका आशीर्वाद लिया। विद्यालय प्रबंधक राजेंद्र जुयाल ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को उनके परिश्रम और बेहतर परिणाम के लिए शुभकामनाएं दीं। विद्यालय प्रधानाचार्य अनसूया प्रसाद सुंदरियाल और छात्रावास अधीक्षक नवीन जुयाल ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन, विनम्रता और संस्कारों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय की पूरी टीम विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए छात्रावास में रहकर दिन-रात मेहनत कर रही है। विद्यार्थियों को इस सुविधा और मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
कार्यक्रम में डा. नवीन ममगाईं ने गुरु-शिष्य परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। गुरु विद्यार्थी को अज्ञान से ज्ञान, असत्य से सत्य और निराशा से आत्मविश्वास की ओर ले जाने का मार्ग दिखाते हैं। विद्यालय के अध्यापकों ने कहा कि भुवनेश्वरी संस्कृत विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कृत शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान, भारतीय संस्कृति, संस्कार और अनुशासन से जोड़कर उनका सर्वांगीण विकास करना है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए विद्यालय परिवार निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति सदैव सम्मान और कृतज्ञता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर डॉ. अनूप कुकरेती, ईशान डोभाल, कमलदीप पोखरियाल, आशीष डबराल, नीरज पटवाल, अंकित मैठाणी, मयंक सुंदरियाल, रामेश्वर जोशी, वैष्णवी सहित विद्यालय के सभी शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह