पौड़ी में स्मार्ट मीटर के खिलाफ व्यापारियों का फूटा गुस्सा
पौड़ी गढ़वाल, 20 अगस्त (हि.स.)। शहर में पुराने कमर्शियल बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर व्यापारियों का गुस्सा गुरुवार को सड़क पर उतर आया। बस स्टेशन क्षेत्र में स्मार्ट कमर्शियल मीटर लगाए जाने के दौरान व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराया।
व्यापारियों का आरोप है कि बिना पर्याप्त जानकारी और सहमति के स्मार्ट मीटर लगाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, कई व्यापारियों ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली के बिल पहले की तुलना में बढ़ गए हैं। गुरुवार को बिजली विभाग के कर्मचारियों और संबंधित कंपनी के अधिकारियों की मौजूदगी में पुराने कमर्शियल मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा था। इसी दौरान पूर्व कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष विनोद दनोशी, पूर्व व्यापार सभा अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह नेगी समेत व्यापारी प्रेम सिंह, अनूप सिंह और अन्य व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया।
व्यापारियों का कहना था कि जब पुराने डिजिटल मीटर काम कर रहे हैं तो उन्हें हटाने की जरूरत क्यों पड़ी, इसका विभाग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, बिलिंग व्यवस्था और उपभोक्ताओं को होने वाले फायदे को लेकर उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में बिना भरोसे में लिए मीटर बदले जाने से व्यापारियों में असमंजस और नाराजगी है।
व्यापारियों ने सबसे बड़ा सवाल बिजली के बिल को लेकर उठाया। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिल पहले की अपेक्षा अधिक आए हैं। व्यापारियों ने मांग की कि विभाग स्मार्ट मीटर की बिलिंग व्यवस्था को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे और पुराने व नए मीटर की खपत का तुलनात्मक रिकॉर्ड उपभोक्ताओं के सामने रखा जाए। कांग्रेस के पूर्व जिला उपाध्यक्ष विनोद दनोशी ने कहा कि सरकार को जनता को बताना चाहिए कि पुराने डिजिटल मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
उन्होंने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, आवश्यकता और उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभ को लेकर खुला संवाद करने की मांग की। दनोशी ने सवाल उठाया कि जब स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के मन में इतने सवाल हैं तो सरकार और विभाग उनकी शंकाओं का समाधान क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में निजी कंपनी या ठेकेदार को संभावित लाभ पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाया और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की।
व्यापारियों ने मांग की कि पहले उपभोक्ताओं की आपत्तियां सुनी जाएं, स्मार्ट मीटर की बिलिंग और कार्यप्रणाली को स्पष्ट किया जाए और इसके बाद ही मीटर बदलने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए। व्यापारियों ने साफ किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ तो विरोध को आगे भी जारी रखा जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह