पिथौरागढ़ में गौवंश संरक्षण को लेकर समीक्षा बैठक, गौसदनों और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा
पिथौरागढ़, 25 मई (हि.स.)। जनपद में निराश्रित गौवंश के संरक्षण, गौसदनों की व्यवस्थाओं तथा गोवंश सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को लेकर सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता उत्तराखण्ड गौसेवा आयोग, देहरादून के अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र अणथ्वाल एवं जिलाधिकारी पिथौरागढ़ की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जनपद में संचालित गौसदनों की वर्तमान स्थिति, उनकी क्षमता, शरणागत गोवंश की संख्या तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी राजकीय अनुदान की समीक्षा की गई। बताया गया कि जनपद में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड अंतर्गत पंजीकृत दो गौसदनों श्री कृष्णा गौ सेवा धाम बड़ावे, मूनाकोट एवं मां नन्दा देवी गौसेवा संरक्षण केन्द्र, पापड़ी मुनस्यारी में कुल 230 गोवंश रखने की क्षमता है, जिनमें वर्तमान में 173 गोवंश आश्रित हैं।
इन गौसदनों के भरण-पोषण हेतु कुल ₹45.16 लाख से अधिक की अनुदान राशि निर्गत की गई है।
इसके अतिरिक्त नगर पालिका द्वारा संचालित धारचूला (बलुवाकोट) एवं डीडीहाट (आदिचौरा) गौशालाओं की भी समीक्षा की गई, जिनकी संयुक्त क्षमता 250 गोवंश की है तथा वर्तमान में वहां 179 निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं।
बैठक में ग्राम्य गौसेवक गौसदन योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में जनपद में सात ग्राम्य गौसेवक पंजीकृत होकर कार्यरत हैं, जिन्हें वर्ष 2025-26 में ₹5.06 लाख से अधिक का भुगतान किया गया है।
साथ ही विभिन्न विकासखण्डों से प्राप्त नवीन आवेदनों एवं बीएलसी द्वारा चयनित ग्राम्य गौसेवकों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
गौवंश संरक्षण अधिनियम, 2007 के प्रभावी अनुपालन के अंतर्गत नगर निगम पिथौरागढ़ द्वारा दो मामलों में कुल 7 हजार अर्थदण्ड वसूल किए जाने की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई।
बैठक में गोवंश की ईयर टैगिंग एवं फोटोग्राफ सहित पंजीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए बताया गया कि 20वीं पशुधन संगणना 2019 के अनुसार जनपद में कुल 1,62,869 गौवंशीय पशु चिन्हित हैं, जिनमें से 1,58,878 पशुओं की टैगिंग की जा चुकी है।
वर्तमान सर्वेक्षण के अनुसार जनपद में कुल 366 निराश्रित गोवंश चिन्हित किए गए हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या मुनस्यारी विकासखण्ड में 128 तथा पिथौरागढ़ क्षेत्र में 97 दर्ज की गई है।
बैठक में पुलिस विभाग द्वारा गोवंश के प्रति अपराधों की रोकथाम को लेकर की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी साझा की गई। बताया गया कि वर्ष 2024 में पशुक्रूरता अधिनियम के अंतर्गत एक अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसकी विवेचना पूर्ण कर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय को प्रेषित की जा चुकी है। वर्तमान में जनपद में गौवंश से संबंधित कोई भी मामला न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।
बैठक के दौरान गौसदनों में आ रही समस्याओं, चारे की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं तथा निराश्रित गौवंश के बेहतर संरक्षण हेतु आवश्यक उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौवंश संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष दरियाल