पाली लंगूर स्कूल में मिला ऐतिहासिक शिलालेख, 1905 से जुड़ा हो सकता है इतिहास
पौड़ी गढ़वाल, 08 अप्रैल (हि.स.)। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड द्वारीखाल स्थित प्राथमिक विद्यालय पाली लंगूर (डाडामंडी) में ऐतिहासिक महत्व का शिलालेख मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल बन गया है। इसे एक अहम पुरातात्विक खोज के रूप में देखा जा रहा है, जो गढ़वाल के शैक्षिक इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
विद्यालय के शिक्षक ने इस विषय को पहले ही जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के संज्ञान में लाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पुरातत्व विभाग को तत्काल मौके पर निरीक्षण के निर्देश दिए। निर्देशों के तहत प्रभारी जिला पुरातत्व अधिकारी अनिल बिष्ट के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम विद्यालय पहुंची, जिसमें कनिष्ठ अभियंता अनिल नेगी भी शामिल थे। टीम ने शिलालेखों का प्रारंभिक निरीक्षण कर उन्हें सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए पौड़ी भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में शिलालेख में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड कर्जन का उल्लेख मिलने की बात सामने आई है, जिससे इसका कालखंड वर्ष 1905 के आसपास का माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, उस समय इस स्थान पर एक विद्यालय की स्थापना की गई थी, जहां संभवतः अध्यापक प्रशिक्षण की भी व्यवस्था थी। ऐसे में यह स्थल गढ़वाल के शुरुआती शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल रहा हो सकता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि शिलालेख की ऐतिहासिकता और प्रामाणिकता की पुष्टि विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है। पुष्टि होने के बाद इसे निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट हेरिटेज म्यूजियम में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आमजन को क्षेत्र के समृद्ध इतिहास से परिचित कराया जा सके।
इस खोज को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में खासा उत्साह है और वे इसे अपने क्षेत्र के गौरव से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की पुरातात्विक वस्तु मिलने पर उसे सुरक्षित रखते हुए तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह