नाबार्ड की कृषि इकाई लागत पुस्तिका 2026-27 का जिलाधिकारी ने किया विमोचन
नैनीताल, 28 अक्टूबर (हि.स.)। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बुधवार को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों की इकाई लागत पुस्तिका का विमोचन किया।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने बताया कि पुस्तिका में कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण, भंडारण, विपणन और कृषि प्रसंस्करण सहित विभिन्न गतिविधियों की इकाई लागतें दी गई हैं। पहली बार खाद्य एवं कृषि प्रसंस्करण की इकाई लागतों को भी इसमें शामिल किया गया है।
इससे बैंकों को ऋण प्रस्तावों के मूल्यांकन और परियोजना लागत के आकलन में सहायता मिलेगी।जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पुस्तिका को बैंकों, विभागों, किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए उपयोगी संदर्भ दस्तावेज बताते हुए नाबार्ड के प्रयासों की सराहना की। मुकेश बेलवाल ने बताया कि इकाई लागतों को अंतिम रूप देने के लिए नाबार्ड के उत्तराखंड क्षेत्रीय कार्यालय ने 29 मई 2026 को राज्य स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की थी।
इसमें राज्य सरकार के विभागों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, नाबार्ड और बैंकों के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के सुझाव शामिल किये गये। पुस्तिका में जल संसाधन विकास, भूमि विकास, वृक्षारोपण, औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती, रेशम उत्पादन, बायोगैस, वानिकी, एकीकृत कृषि प्रणाली और पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार आधारित परियोजनाओं की लागतें भी दी गई हैं। इसमें चयनित परियोजनाओं के वित्तीय एवं आर्थिक विश्लेषण और नमूना परियोजना विवरण शामिल हैं।
नैनीताल में बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन, संरक्षित खेती और कृषि आधारित सूक्ष्म उद्यमों की संभावनाओं को देखते हुए पुस्तिका से बैंक योग्य परियोजनाओं की पहचान तथा कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में जिला पर्यटन अधिकारी, अग्रणी बैंक, जिला उद्योग केंद्र और अन्य विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी