नंदा देवी एक्सपिडिशन: वन मंत्री ने 32 सदस्यीय टीम को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
ज्योतिर्मठ, 07 जून (हि.स.)। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि नंदा देवी दशकीय जैव निगरानी अभियान 2026 के सहभागी बन रहे विभिन्न महकमों के सभी एक्सपर्ट बधाई के पात्र हैं कि उन्हें माँ नंदा के चरणों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। वन मंत्री ने वन विभाग परिसर ज्योतिर्मठ से 32 सदस्यीय एक्सपीडिशन टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर उन्होंने वैज्ञानिक टीम लीडर डा. जी. एस. रावत की तारीफ करते हुए कहा कि सेवा निवृति के बाद भी प्रकृति संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उजागर हुई है और यह नई पीढ़ी के लिए एक सीख भी है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1982 मे नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान को संरक्षित करने के उद्देश्य से ही गैर सरकारी गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी, और इसके सुखद परिणामों की जानकारी के लिए ही हर दस वर्ष मे जैव निगरानी अभियान संचालित किया जाता है।
वन मंत्री ने अभियान के सभी सदस्यों के जज्बे को सेल्यूट करते हुए कहा कि मानव जिज्ञासा ही अविष्कारों को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को जितना बड़ा खतरा इस समय है उतना पहले कभी नहीं हुआ इसलिए इस प्रकार के अभियान होने जरुरी हैं ताकि हम आने वाली पीढ़ीयों को स्वच्छ पर्यावरण व बेहतर वातावरण दे सके। उन्होंने यह भी कहा कि दस वर्षो के अंतराल मे होने वाले इस प्रकार के अभियान को हर पांच वर्ष मे किए जाने के लिए वे भारत सरकार से भी वार्ता करंगे।
समारोह का संचालन रेँज ऑफिसर चेतना कांडपाल ने किया। वन मंत्री ने दल को रवाना करने से पूर्व माँ काली के मंदिर मे पूजा अर्चना कर अभियान की सफलता की कामना की।
जैव निगरानी अभियान 2026 के फ्लैग ऑफ समारोह मे बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती व नगर अध्यक्ष अमित सती के अलावा उत्तराखंड कर्मकार बोर्ड के सदस्य कृष्णमणि थपलियाल, पर्वतारोहण एवं स्कीइंग संस्थान आईटीबीपी औली के आईजी अखिलेश रावत, बीकेटीसी सदस्य राकेश भण्डारी, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चन्द्र उनियाल, सुभाष डिमरी, अनीता पंवार, प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा, अपर प्रमुख वन संरक्षक डॉ विवेक पाण्डे, निदेशक/वन संरक्षक पंकज कुमार, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, सीएमओ डॉ अभिषेक गुप्ता, एसडीएम चंद्रशेखर बशिष्ठ, पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट, डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क अभिमन्यु सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण