ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता

 


देहरादून, 25 सितंबर (हि.स.)। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से सचिवालय तक मार्च निकालकर निर्वाचन कार्यालय घेराव की कोशिश की। इस दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी दहन किया गया।

कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों निर्वाचन आयुक्तों को पद से हटाने तथा उनके कार्यकाल में लिए गए पूर्व निर्णयों को निरस्त करने की मांग की। पार्टी की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों तथा मतदाताओं की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों का समुचित संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। पार्टी ने उत्तराखंड के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में फार्म-7 दाखिल किए जाने की शिकायतों का उल्लेख करते हुए ऐसे मामलों की जांच की मांग की।

प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा समेत कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने या किसी मतदाता के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया में निष्पक्ष जांच और संबंधित मतदाता को सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए। कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान प्राप्त फार्म-7 का विधानसभा और बूथवार विवरण सार्वजनिक करने तथा असामान्य संख्या में आपत्तियां दाखिल करने वालों की विशेष जांच कराने की मांग भी की।

पार्टी ने निर्वाचन संबंधी शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों को अधिक पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करने और पात्र मतदाताओं के नाम उचित सत्यापन एवं सुनवाई के बिना नहीं हटाने की मांग की। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए संस्थागत सुधारों की आवश्यकता भी जताई।

प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, अनुशासन समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, विधायक ममता राकेश, फुरकान अहमद, लखपत बुटोला, रवि बहादुर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल