जिलेभर के शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का गायन
नई टिहरी, 25 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सरस्वती शिशु मंदिर जे. ब्लॉक, सी. ब्लॉक, सत्यों सकलाना, विद्या मंदिर नई टिहरी, चंबा सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में गीत का गायन किया गया। वहीं गोष्ठियाें में गीत का सार, इतिहास, केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक पारित करने की जानकारी भी दी गई।
शुक्रवार को शिशु मंदिर जे. ब्लाक में मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार मुकेश रतूड़ी, कार्यक्रम अध्यक्ष व आरएसएस के नगर कारवाह रामानुज बहुगुणा, प्रधानाचार्य अनिल उनियाल ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के रचनाकार बंकिम चंद्र चटर्जी और गीत के सार से अवगत कराया। कहा आजादी के संघर्ष, बलिदान और भारत को माता मानने के लिए यह गीत अमर हो गया।
इस मौके पर स्कूल संरक्षक राकेश बडोनी, अनीता कंडियाल, सभासद प्रवेश चौहान, विष्णु नौटियाल, बादरायण बिजल्वाण मौजूद रहे। विद्या मंदिर नई टिहरी में जीआईसी ढुंगीधार के प्रधानाचार्य डॉ. सुशील कोटनाला ने कहा वंदे मातरम राष्ट्रीय चेतना और एकता का प्रमुख केंद्र रहा। इस मौके पर डॉ. प्रमोद उनियाल, दिनेश डोभाल, भुवनेश्वर बडोनी मौजूद थे।
विद्या मंदिर चंबा में 841 लोगों ने सामूहिक वंदे मातरम का गायन किया। इस मौके पर आनंद पुंडीर, राधाकृष्ण सेमवाल, पूर्व विधायक धन सिंह नेगी, पालिकाध्यक्ष शोभनी धनोला, प्रधानाचार्य इंद्रपाल परमार, वीरेंद्र नेगी, सोमवारी लाल सकलानी, प्रेम रावत मौजूद थे। शिशु मंदिर सत्यों में भी सामूहिक गायन किया गया। इस मौके पर कमलेश सकलानी, चिंरजी डबराल, रविंद्र सकलानी, अनिल हटवाल, आशुतोष नकोटी, दिनेश उनियाल, लाखीराम बहुगुणा मौजूद थे। शिशु मंदिर पोखरी में भी वंदे मातरम गायन हुआ। इस मौके पर जिपंस जोत सिंह असवाल, ईश्वरी बिजल्वाण, प्रधानाचार्य खुशीराम बंगवाल मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी