जिला विकास प्राधिकरण की बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय, अवैध होम स्टे पर होगी सख्त कार्रवाई

 


नैनीताल, 03 जुलाई (हि.स.)। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के द्वारा अवैध होम स्टे पर सख्त कार्रवाई करने सहित जनहित, पर्यटन, भवन निर्माण, पार्किंग, होम स्टे संचालन तथा शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही प्राधिकरण की आय बढ़ाने और जनसुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की गई।

यह भी तय हुआ कि अब एक परिवार के कई सदस्यों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्य से अलग-अलग मानचित्र स्वीकृत कराने के मामलों को अस्वीकृत किया जाएगा।

शुक्रवार को कई बड़े निर्णय लिये गये हैं। एवं आयुक्त-सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में जिला विकास प्राधिकरण सभागार में बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष-मंडलायुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में भीमताल क्षेत्र में कृषि भूमि उपयोग और स्थानीय निवासियों को मानचित्र स्वीकृति में आ रही समस्याओं पर विचार किया गया।

बोर्ड को अवगत कराया गया कि पूर्व में कुछ बिल्डरों द्वारा स्थानीय आवश्यकता संबंधी प्रावधानों का दुरुपयोग किया गया था। बोर्ड ने निर्णय लिया कि स्थानीय जरूरत के तहत 60 वर्गमीटर तक के सभी मानचित्र स्वीकृत किए जाएंगे, जबकि एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा व्यावसायिक उद्देश्य से अलग-अलग मानचित्र स्वीकृत कराने के मामलों को अस्वीकृत किया जाएगा।

बैठक में तकनीकी कार्यों को बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण में आईटी विशेषज्ञ तथा पार्कों और हरित क्षेत्रों के विकास के उद्देश्य से उद्यान विशेषज्ञ की नियुक्ति को मंजूरी प्रदान की गई। साथ ही हल्द्वानी के चौराहों का चरणबद्ध सौंदर्यीकरण करने का निर्णय लिया गया, जिसकी शुरुआत प्रथम चरण में कुसुमखेड़ा चौराहे से होगी।

आयुक्त दीपक रावत ने नैनीताल नगर में बढ़ती पार्किंग समस्या को देखते हुए नजूल की छोटी-छोटी सरकारी भूमि को चिन्हित कर वहां पॉकेट पार्किंग विकसित करने के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय निवासियों को पार्किंग सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। बैठक में नैनीताल नगर में संचालित हो रहे होम स्टे की भी समीक्षा की गई।

आयुक्त ने कहा कि कई स्थानों पर सील अथवा चालानशुदा भवनों और एकल आवासों में भी होम स्टे संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने पर्यटन विभाग और जिला विकास प्राधिकरण को संयुक्त निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित होम स्टे को तत्काल सील करने तथा संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिन होम स्टे संचालकों को नोटिस जारी किए जाने के बाद भी अनुपालन नहीं किया गया है, उनके पंजीकरण निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों में किसी भी निर्माण की स्वीकृति संयुक्त सर्वे और भू-वैज्ञानिक की रिपोर्ट के आधार पर ही दी जाएगी। एक ही भूखंड पर परिवार के विभिन्न सदस्यों द्वारा अलग-अलग आवेदन कर बाद में एक भवन बनाने जैसे मामलों को नियम विरुद्ध मानते हुए स्वीकृति नहीं दी जाएगी। पुराने भवनों के पुनर्निर्माण की अनुमति भी उसी क्षेत्रफल और आयाम में दी जाएगी, जितने में पूर्व भवन निर्मित था। वहीं अवैध निर्माण वाले मामलों में पहले पुराने निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त करना अनिवार्य होगा, तभी नए निर्माण की अनुमति मिलेगी।

बोर्ड ने हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की। साथ ही निर्णय लिया गया कि मानचित्र स्वीकृत होने के बाद भवन स्वामी को भवन के बाहर स्वीकृति संबंधी शिलापट्ट या बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर पांच हजार रुपये का चालान किया जाएगा। बैठक में विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक मानचित्रों के साथ होटल और रेस्तरां संचालन संबंधी प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत मानचित्रों के अनुरूप ही निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित स्थलीय निरीक्षण किए जाएं।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अगली बोर्ड बैठक में स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट एवं स्थल के फोटोग्राफ प्रस्तुत किए जाएं। बैठक में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सचिव मनीष कुमार, संयुक्त सचिव एपी बाजपेयी, नगर आयुक्त हल्द्वानी परितोष वर्मा, नगर नियोजक आरएल भारती, वित्त अधिकारी ऋचाशु शर्मा सहित बोर्ड के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी