जिला गंगा संरक्षण समिति की 71वीं बैठक

 


हरिद्वार, 25 मार्च (हि.स.)। जिला गंगा संरक्षण समिति की 71वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने जल संस्थान हरिद्वार एवं पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनके विभाग द्वारा संचालित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को जनपद में संचालित सभी गौशालाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि गौशाला या डेयरी से निकलने वाला गोबर अथवा गंदगी गंगा में न जाए, इस पर विशेष निगरानी रखी जाए।

उन्होंने नगर निगम एवं संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए किसी भी स्थिति में नालों का गंदा पानी या कूड़ा-कचरा गंगा में न जाने दिया जाए। इसके लिए समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।

प्रभागीय वनाधिकारी ने कहा कि जिन घाटों और क्षेत्रों में अतिक्रमण है, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा जिन पुलों पर जाली लगाने का कार्य प्रस्तावित है, उसे भी शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, आरओ यूकेपीसीबी डॉ. राजेंद्र सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, उप मुख्य नगर अधिकारी दीपक गोस्वामी, सहायक अभियंता जल संस्थान अब्दुल रशीद, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य, समिति के सदस्य रामेश्वर गौड़, मनोज निषाद, संजय सकलानी आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला