जागेश्वर धाम में एक माह तक  घृत गुफा में वास करेंगे भोले नाथ

 


देहरादून, 15 जनवरी (हि.स.)। उत्तराखंड कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जिले में स्थित जागेश्वर धाम मंदिर की विशिष्ट पहचान है। यहां की पूजा परंपराएं भी अनूठी हैं। मकर संक्रांति पर आज भगवान शिव को घृत गुफा में स्थापित किया गया।

मकर संक्रांति के अवसर पर अल्मोड़ा के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में भगवान भोलेनाथ को 251 किलो शुद्ध देशी गाय के घी से बनी घृत गुफा में ढक दिया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी महामंडलेश्वर पंडित हेमन्त भट्ट सहित मंदिर के पुजारियों ने मंत्रोच्चार कर घृत गुफा तैयार की और विशेष पूजा अनुष्ठान के साथ भगवान भोलेनाथ को घृत गुफा में बिठाया।

भगवान भोले नाथ एक माह तक इसी घृत गुफा में तपस्यारत रहेंगे। वर्षों से चली आ रही पौराणिक परम्परा के अनुसार घृत गुफा बनाने के लिए गाय के घी को पानी के साथ पिघलाया जाता है, इसके बाद इसे ठंडा कर गुफा जैसी विशेष आकृति बनाई जाती है। विशेष पूजा अर्चना के बाद घृत गुफा में ढक दिया जाता है। एक माह बाद घृत गुफा को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है, ऐसी मान्यता है कि इससे कई असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती ।

मंदिर के मुख्य पुजारी महामंडलेश्वर पंडित हेमन्त भट्ट ने बताया कि मकर संक्रांति को भगवान भोलेनाथ को घृत गुफा से ढकनेकी पौराणिक परम्परा चली आ रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल