जमीनी स्तर पर संघर्ष करने वाले कार्यकर्त्ता ही भाजपा की असली ताकत : रघुवीर

 


ज्योतिर्मठ, 05 नवंबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी की असली ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में संगठन की नींव रखकर उसे शून्य से शिखर तक पहुंचाने में अपना जीवन समर्पित किया, इन्हीं संघर्षशील कार्यकर्ताओं के सम्मान और उनके योगदान को स्मरण करते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चमोली एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं जनपद रुद्रप्रयाग के सहप्रभारी वरिष्ठ नेता रघुवीर सिंह बिष्ट इन दिनों बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में संगठनात्मक संपर्क अभियान के तहत पार्टी के संस्थापक सदस्यों एवं पुराने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से आत्मीय मुलाकात कर रहे हैं।

इस दौरान बिष्ट गांव-गांव जाकर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के घर पहुंच रहे हैं, उनके पारिवारिक एवं सामाजिक हालचाल जान रहे हैं तथा उनके सुख-दुख में सहभागी बन रहे हैं, साथ ही संगठन की वर्तमान स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और क्षेत्र में पार्टी की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं। उनका यह प्रयास केवल औपचारिक राजनीतिक संपर्क नहीं, बल्कि उन लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की पहल है, जिन्होंने पार्टी के शुरुआती दौर में अनेक कठिनाइयों के बावजूद विचारधारा की मशाल जलाए रखी।

बिष्ट का कहना है कि वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के समय परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं, उस दौर में देश की राजनीति में कांग्रेस का व्यापक प्रभाव था, भाजपा की विचारधारा से जुड़ने वाले कार्यकर्ताओं का उपहास उड़ाया जाता था, लोग कहते थे कि चारों ओर कांग्रेस का डंका बज रहा है और ये कार्यकर्ता भाजपा की बात कर रहे हैं, लेकिन उन विषम परिस्थितियों में भी हमारे कार्यकर्ताओं ने कभी हार नहीं मानी, उन्होंने गांव-गांव, घर-घर जाकर राष्ट्रवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया और संगठन को मजबूत करने के लिए निरंतर संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी जिस मुकाम पर पहुंची है, उसके पीछे उन हजारों कार्यकर्ताओं का त्याग, तपस्या, संघर्ष और समर्पण है, जिन्होंने बिना किसी पद अथवा व्यक्तिगत स्वार्थ के संगठन के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। आज केंद्र में वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है। अनेक राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं।

पार्टी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संकल्पबद्ध है। बिष्ट ने भावुकता के साथ कहा कि जब वे पुराने एवं संस्थापक कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उनका हालचाल पूछते हैं और संगठन के शुरुआती दिनों की चर्चा करते हैं, तो कई कार्यकर्ता पुरानी यादों को साझा करते हुए भावुक हो जाते हैं। उनकी आंखों में उन संघर्षों की तस्वीर साफ दिखाई देती है, जब सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने संगठन को खड़ा करने के लिए दिन-रात मेहनत की थी।

उन कार्यकर्ताओं के अनुभव और समर्पण को देखकर यह महसूस होता है कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक शक्ति उसके निष्ठावान कार्यकर्ता ही होते हैं।

उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी को अपने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के संघर्षों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। संगठन केवल चुनाव और सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विचारधारा, सेवा, संस्कार और समर्पण की यात्रा है। हमें अपने पुराने कार्यकर्ताओं को केवल चुनाव के समय याद नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके सुख-दुख में हमेशा सहभागी बनना चाहिए। उनके अनुभवों का सम्मान करते हुए उनसे यह सीखना चाहिए कि विपरीत परिस्थितियों में भी संगठन और विचारधारा के लिए किस प्रकार संघर्ष किया जाता है।

इसी क्रम में रघुवीर सिंह बिष्ट ने जोशीमठ एवं आसपास के क्षेत्रों के अनेक गांवों में पहुंचकर पार्टी के संस्थापक सदस्यों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से उनके घरों पर मुलाकात की, उन्होंने कार्यकर्ताओं के पारिवारिक हालचाल जाने तथा संगठन के पुराने दिनों की स्मृतियों को साझा किया। उनके इस संपर्क अभियान को पुराने कार्यकर्ताओं के सम्मान, संगठनात्मक एकजुटता और पार्टी की मजबूत जड़ों को पुनः सक्रिय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

रघुवीर सिंह बिष्ट का स्पष्ट कहना है कि पद और सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन संगठन के प्रति निष्ठा और विचारधारा के प्रति समर्पण हमेशा जीवित रहता है, भारतीय जनता पार्टी आज जिस शिखर पर पहुंची है, उसकी नींव हमारे संस्थापक एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के संघर्ष, त्याग और तपस्या से बनी है। इसलिए ये वरिष्ठ कार्यकर्ता ही पार्टी की असली पूंजी, असली ताकत और पार्टी की आत्मा हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण