जमानत याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार, राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

 


नैनीताल, 22 मई (हि.स.)। नैनीताल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने एक युवती से दुष्कर्म के आरोपित भवाली के चर्चित व्यापारी नेता नरेश पांडे की अग्रिम जमानत याचिका को सुनवाई के लिए विधिसम्मत मानते हुए स्वीकार कर लिया है। साथ ही न्यायालय ने मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर संबंधित थाने से विस्तृत आख्या तथा आरोपित का आपराधिक इतिहास प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि मामला थाना मल्लीताल में दर्ज अपराध संख्या 19ध्2026 से संबंधित है, जिसमें एक युवती की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) और 69 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपित ने किशोरावस्था से विवाह का झांसा देकर उसका लैंगिक शोषण किया। सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने उत्तराखंड संशोधन अधिनियम 2019 का हवाला देते हुए इसी आधार पर अग्रिम जमानत याचिका को विचारणीय न मानने का तर्क रखा। किंतु बचाव पक्ष के अधिवक्ता संजय सुयाल और पंकज कुलौरा ने कहा कि वर्तमान प्रकरण भारतीय न्याय संहिता की उन धाराओं के अंतर्गत नहीं आता, जिनमें अग्रिम जमानत पर रोक है तथा मामले में पोक्सो अधिनियम की धाराएं भी लागू नहीं की गई हैं।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि वर्तमान चरण में केवल अग्रिम जमानत याचिका की स्वीकार्यता पर विचार किया जा रहा है, न कि मामले के गुण-दोष पर। अदालत ने पाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 482(4) अथवा उत्तराखंड संशोधन अधिनियम के प्रावधान इस मामले में अग्रिम जमानत याचिका पर बाधक नहीं हैं। इसके बाद न्यायालय ने याचिका को संधारणीय मानते हुए उसे पंजीकृत करने के निर्देश दिए। मामले में अगली सुनवाई और आपत्ति दाखिल करने के लिए 26 मई 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी