जनक दरबार में गूंजी पुरानी पेंशन बहाली की मांग, सीताराम पोखरियाल ने महाराज जनक से लगाई गुहार
पौड़ी गढ़वाल, 14 अक्टूबर (हि.स.)। पौड़ी में आयोजित रामलीला में सीता स्वयंवर के दौरान जनक दरबार में पुरानी पेंशन बहाली की मांग अनूठे अंदाज में उठाई गई। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल राजा की भूमिका निभाते हुए महाराज जनक के दरबार में पहुंचे और प्रदेश के कार्मिकों की ओर से पुरानी पेंशन बहाली की फरियाद रखी।
सीताराम पोखरियाल ने कहा कि कर्मचारी अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष देश और प्रदेश की सेवा में समर्पित करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उनका भविष्य सुरक्षित होना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सामाजिक सुरक्षा मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली कर्मचारियों के भविष्य और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
उन्होंने जनक दरबार के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि कार्मिक कोई खैरात नहीं, बल्कि जीवनभर की सेवा के बाद सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। पोखरियाल ने कहा कि मोर्चा पिछले कई वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। संगठन की ओर से रैलियों, धरना-प्रदर्शनों, ज्ञापन, जनजागरण पदयात्राओं और रचनात्मक अभियानों के माध्यम से कर्मचारियों को एकजुट करने के साथ ही सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद मांग पर ठोस निर्णय नहीं होने से कार्मिकों में निराशा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष देहरादून, पौड़ी, कर्णप्रयाग और अल्मोड़ा समेत विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। सचिवालय घेराव, काली पट्टी धारण कर जनजागरण, विभागवार गेट मीटिंग और मंत्रियों को ज्ञापन देने जैसे कार्यक्रमों के जरिए पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठाई गई।
प्रदेश महासचिव ने बताया कि मांग पूरी नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में 2 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री आवास घेराव का आह्वान किया गया है। उन्होंने प्रदेश के शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिकारियों और विभिन्न विभागों के कार्मिकों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी सरकार पुरानी पेंशन बहाली पर ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन के अगले चरण में भूख हड़ताल की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह