चौरास में अंतर-विश्वविद्यालय सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी रिसर्च एंड डेवलपमेंट की हुई स्थापना
पौड़ी गढ़वाल, 28 अप्रैल (हि.स.)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में अंतर-विश्वविद्यालय खगोल विज्ञान और खगोलभौतिकी केंद्र(आईयूसीएए) पुणे के सहयोग से अंतर-विश्वविद्यालय सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी रिसर्च एंड डेवलपमेंट इकार्ड की स्थापना की गई है।
आईयूसीएए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्थापित एक स्वायत्त संस्थान है, जिसकी स्थापना 1992 में की गई और यह खगोल भौतिकी के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इकार्ड की स्थापना खगोल विज्ञान के क्षेत्र में नवाचारी शिक्षण विधियों, संरचित दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों तथा विभिन्न स्तरों पर कार्यशालाओं, स्कूलों और शैक्षणिक बैठकों के आयोजन के माध्यम से खगोल विज्ञान शिक्षा को सुदृढ़ करने हेतु की गई है।
इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार की शैक्षिक गतिविधियों को समय-समय पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न स्कूली व विश्वविद्यालयी शिक्षक तथा छात्र-छात्राओं प्रतिभाग करेंगे और इकार्ड की गतिविधियों का संचालन आईयूसीएए द्वारा प्राप्त अनुदान से किया जाएगा।
केंद्र के संयोजक प्रो. हेमवती नन्दन ने बताया कि यह केंद्र विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए एक प्रेरक मंच के रूप में कार्य करेगा, जो वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा देने के साथ-साथ खगोल विज्ञान एवं खगोल भौतिकी में अंतर विषयक अध्ययन को प्रोत्साहित करेगा और सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक समझ के बीच की दूरी को भी कम करने में सहजता प्रदान करेगा। इस केंद्र की स्थापना पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह ने खुशी जताते हुए विश्वास जताया कि यह पहल विश्वविद्यालय के खगोल विज्ञान प्रसार के कार्यक्रमों को अधिक सशक्त बनाएगी । विश्वविद्यालय के कुल सचिव प्रो. वाईपी रैवानी ने भी केंद्र की स्थापना पर हर्ष व्यक्त किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह