चार शहीदों के पैतृक गांवों में स्मारक और शहीद द्वार बनेंगे

 


देहरादून, 14 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड सरकार ने चार शहीदों की स्मृति में उनके पैतृक गांवों में शहीद स्मारक और शहीद द्वार के निर्माण के लिए वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। ये निर्माण टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल जिलों में किए जाएंगे।सरकार के निर्णय के तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शहीद कांस्टेबल विनोद पाल सिंह की स्मृति में टिहरी गढ़वाल के बालगंगा तहसील स्थित पैतृक ग्राम पोस्ट-कैपर्स बारसार में शहीद स्मारक/शहीद द्वार का निर्माण किया जाएगा।

शहीद पैराट्रूपर अमित कुमार अग्रवाल की स्मृति में पौड़ी गढ़वाल के कल्जीखाल विकासखंड स्थित उनके पैतृक ग्राम कोला-सिल्डी में शहीद द्वार बनाया जाएगा। वहीं सीआरपीएफ के शहीद नायक भरत सिंह की स्मृति में पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल तहसील क्षेत्र के ग्राम बूंगा मल्ला में शहीद स्मारक का निर्माण होगा।

इसके अलावा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के शहीद सहायक उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह की स्मृति में टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग तहसील स्थित ग्राम कोटी, पोस्ट आमनी में शहीद स्मारक बनाया जाएगा।सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

जोशी ने कहा कि शहीद स्मारक और शहीद द्वार देश की रक्षा और राष्ट्रसेवा में प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति के स्थायी प्रतीक होंगे। इनके माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को शहीदों की गौरवगाथा से परिचित कराने के साथ युवाओं में राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की भावना को भी प्रेरणा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को सैनिकों की भूमि के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। प्रदेश के सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने देश की सीमाओं तथा आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शहीदों की स्मृति में बनने वाले ये स्मारक उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति राज्य की कृतज्ञता और सम्मान के स्थायी प्रतीक होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय