गुरुद्वारों में मनाई गई ज्येष्ठ महीने की संक्रांत

 


हरिद्वार, 16 मई (हि.स.)। ज्येष्ठ महीने की संक्रांत धर्मनगरी के गुरुद्वारों में मनाई गई। इस दौरान निर्मल विरक्त कुटिया, संतपुरा, सिंह सभा ज्वालापुर, गोल गुरुद्वारा, गुरु नानक दरबार भेल स्थित गुरुद्वारों में विशेष दीवान सजाया गया, जिसमें सैकड़ों की संगत ने पहुंचकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का आशीर्वाद लिया।

इस दौरान दसवीं और इंटर कक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्र छात्राओं को निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में सम्मानित भी किया गया। कथावाचक संत बलजिंदर सिंह शास्त्री ने कहा कि परमात्मा के उपदेशों को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ महीना ग्रीष्म ऋतु का पहला महीना होता है। ज्येष्ठ का अर्थ बड़ा होता है और परमात्मा से बड़ा कोई नहीं है।

संत जगजीत सिंह शास्त्री ने कहा कि परमात्मा के आगे झुकना चाहिए, सभी शक्तियां उसी की दी हुई हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को विद्यालयी शिक्षा के साथ साथ अपने धर्म और संस्कृति की जानकारी भी होनी चाहिए। निर्मल विरक्त कुटिया ऐतिहासिक गुरुद्वारे में गुरुद्वारा ज्ञान गोदडी के लिए संगत ने अरदास की।

इस अवसर पर छात्र शुभ हांडा, सतनाम सिंह, अमृत सिंह, आकांक्षी शर्मा, आरुही शर्मा, रखविंदर कौर, बानी कौर, रश्मित कौर, मुकुंद भसीन, सार्थक नायक, तनिषू राठी, पुलकित गांधी, उमंग शर्मा, देव मेहता को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में संत तरलोचन सिंह, संत मनजीत सिंह, ज्ञानी पंकज सिंह, सूबा सिंह ढिल्लों, सतपाल सिंह चौहान, नवनीश मोहन, यश बक्शी, हरविंदर सिंह रिंकू, सरबजीत सिंह, अनूप सिंह, लाहौरी सिंह, अपनिंदर कौर, सरबजीत कौर, हरविंदर सिंह भाटिया, सरबजीत सिंह, गुरविंदर सिंह, प्रीतम सिंह आदि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला