केदारनाथ धाम में बर्फबारी से यात्रा तैयारियों पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव
देहरादून, 08 अप्रैल (हि.स.)। रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में दो दिन से लगातार रूक-रूककर बर्फबारी हाे रही है, जिससे यात्रा तैयारियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। कपाट खुलने की तिथि नजदीक होने के बावजूद मौसम का बदला मिजाज प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के लिए चुनौती बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि इस बार धाम में बे-मौसम बर्फबारी हो रही है। जहां दिसंबर-जनवरी में अपेक्षाकृत कम बर्फ देखने को मिली, वहीं अब कपाट खुलने से ठीक पहले भारी बर्फबारी ने हालात कठिन कर दिए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 19 अप्रैल को बाबा केदार की डोली ओंकारेश्वर मंदिर से प्रस्थान करेगी, जबकि 22 अप्रैल को कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। केदारनाथ पैदल मार्ग पर छोटी लिनचोली से धाम तक भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के चलते पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में ढक गया है। इससे निर्माण और मरम्मत कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। सोनप्रयाग से केदारपुरी तक लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) गुप्तकाशी द्वारा यात्रा को सुगम बनाने के लिए कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं, लेकिन लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बर्फ हटाने के लिए 60 श्रमिकों की दो टीमें बनाई गई हैं। एक टीम केदारनाथ से और दूसरी छोटी लिनचोली से मार्ग साफ करने में जुटी है। मंगलवार तक करीब 4 से 5 फीट चौड़ाई में मार्ग साफ कर लिया गया था, लेकिन ताजा बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर फिर से बर्फ जम गई है।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि मौसम को देखते हुए अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती पर विचार किया जा रहा है, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले पैदल मार्ग पूरी तरह सुचारु किया जा सके।
उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। लगातार खराब मौसम के चलते केदार घाटी के व्यापारियों के चेहरे मुरझाने लगे हैं। कई व्यवसायियों ने यात्रा को लेकर पहले ही लाखों रुपये खर्च कर सामग्री, ईंधन और टेंट आदि की व्यवस्था कर ली है, लेकिन मौसम की अनिश्चितता से कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि बर्फबारी से चुनौतियां जरूर बढ़ी हैं, लेकिन धाम में तैयारियां लगातार जारी हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल