कुलागाड़ में 75 घंटे बाद खुला मार्ग
पिथौरागढ़, 21 अगस्त (हि.स.)। कुलागाड़ में 75 घंटे बाद तैयार हुआ वैकल्पिक मार्ग, छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू
वैली ब्रिज टूटने से बंद था धारचूला-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग, ग्रामीणों और कैलाश यात्रियों को मिली राहत
धारचूला। कुलागाड़ में वैली ब्रिज टूटने के करीब 75 घंटे बाद आखिरकार वैकल्पिक मार्ग तैयार हो गया।
शुक्रवार दोपहर दो बजे से इस मार्ग पर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। मार्ग खुलने से कुलागाड़ क्षेत्र में फंसे ग्रामीणों, राहगीरों और कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
कुलागाड़ में वैली ब्रिज टूटने के बाद भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण धारचूला-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी। पिछले करीब 75 घंटे से लोग मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे थे।
लगातार बारिश, नदी के तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बीच वैकल्पिक मार्ग तैयार करना प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।
मार्ग निर्माण के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें लगातार मौके पर जुटी रहीं। बारिश के बीच दिन-रात किए गए प्रयासों के बाद वैकल्पिक मार्ग को तैयार किया गया। शुक्रवार को सुरक्षा जांच के बाद छोटे वाहनों के लिए मार्ग खोल दिया गया।
मार्ग खुलने से धारचूला से कुटी, गुंजी और लिपुलेख क्षेत्र की ओर आने-जाने वाले स्थानीय लोगों को राहत मिली है। वहीं कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे यात्रियों की आवाजाही भी सुगम होने की उम्मीद है। मार्ग बंद होने के कारण कई यात्री और स्थानीय लोग अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए थे।
हालांकि, भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। मार्ग की स्थिति और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन आगे इस संबंध में निर्णय लेगा।
करीब 75 घंटे के लंबे इंतजार के बाद वैकल्पिक मार्ग खुलने से कुलागाड़ क्षेत्र में यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष दरियाल