कांवड़ मेले की सफाई व्यवस्था पर गंभीर आरोप, 110 कर्मचारियों के नाम पर फर्जी प्रविष्टियों का दावा

 

हरिद्वार, 09 अगस्त (हि.स.)। कांवड़ मेले के दौरान नगर निगम की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। विज्ञप्ति जारीकर्ता नवीन बिरला ने बताया कि 17 पीड़ित सफाईकर्मियों और नागरिक प्रतिनिधियों ने नोटरीकृत शपथपत्र देकर कथित वित्तीय अनियमितता, फर्जी मस्टर रोल, नकद भुगतान और कर्मचारियों के उत्पीड़न की शिकायत की है।

नवीन बिरला के अनुसार कांवड़ मार्ग पर 110 सफाई कर्मचारियों की स्वीकृति के बावजूद 30 से अधिक कथित फर्जी प्रविष्टियों के नाम पर सरकारी धन निकाले जाने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने वास्तविक उपस्थिति रजिस्टर और मस्टर रोल में अंतर होने तथा कार्यालय स्तर पर मुहर और हस्ताक्षर से कागजी सत्यापन किए जाने का भी दावा किया है।

शिकायत में सफाईकर्मियों को निर्धारित 500 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी के मुकाबले 350 से 400 रुपये नकद देने और प्रति कर्मचारी 100 से 150 रुपये की कथित कटौती का आरोप लगाया गया है। साथ ही सीधे बैंक खाते में भुगतान के बजाय नकद भुगतान किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

शिकायतकर्ताओं ने महिला सफाईकर्मियों को मूल कार्यक्षेत्र से दूर भेजने, दूसरे क्षेत्रों के कर्मचारियों से कांवड़ मार्ग पर अतिरिक्त काम कराने तथा संबंधित मुख्य सफाई निरीक्षक की वर्ष 2017 से हरिद्वार में तैनाती पर भी सवाल उठाए हैं।

नवीन बिरला ने बताया कि सात पीड़ित कर्मचारियों के शपथपत्र जिलाधिकारी को सौंपे जा चुके हैं और 6 अगस्त को पत्र संख्या 183 के माध्यम से शिकायत नगर आयुक्त को कार्रवाई के लिए भेजी गई है। उन्होंने पूरे मामले की जांच नगर निगम से बाहर के किसी वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा अथवा प्रांतीय सिविल सेवा अधिकारी से कराने, आरोपित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने और कथित रूप से काटी गई मजदूरी कर्मचारियों को वापस दिलाने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला