कांवड़ मेले की तैयारियां तेज: पांच करोड़ श्रद्धालुओं के लिए 32 अस्थायी अस्पताल, जंगलों में वनकर्मियों की तैनाती

 


हरिद्वार, 23 जुलाई (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेले को लेकर हरिद्वार में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार करीब 5 करोड़ कांवड़ियों के आने का अनुमान है। सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

मेले के दौरान 32 अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं, जहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था रहेगी। विशेष रूप से एंटी वेनम और एंटी रेबीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगी।

वन विभाग ने जगजीतपुर और श्यामपुर समेत संवेदनशील वन क्षेत्रों में हाथी और गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया है। कांवड़ मार्गों के आसपास झाड़ियों की सफाई कराई जा रही है और वनकर्मियों की टीमें 24 घंटे गश्त पर रहेंगी।

गंगा घाटों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें वाटर एंबुलेंस के साथ तैनात रहेंगी। वहीं, मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

प्रशासन ने कांवड़ मेले के दौरान कुंभ से जुड़े नए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित न हो। साथ ही शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला