कलेक्ट्रेट में समाधान दिवस आयोजित, 176 शिकायतों पर हुई सुनवाई

 


देहरादून, 13 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के दिशा-निर्देशों पर सोमवार को देहरादून स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा की अध्यक्षता में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। शिविर में भूमि विवाद, अवैध कब्जे, अतिक्रमण, घरेलू हिंसा, आर्थिक सहायता और फीस माफी जैसे विषयों से संबंधित कुल 176 शिकायतें दर्ज की गईं।

समाधान दिवस में पारिवारिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं, जिस पर प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया। जीवनगढ़ निवासी 65 वर्षीय विधवा सावित्री देवी ने अपने ही बेटे-बहू पर मकान कब्जाने और मारपीट का आरोप लगाया। इस पर एसडीएम विकासनगर को तत्काल भरण-पोषण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, वरिष्ठ नागरिक नसीम चंद की ऐसी ही शिकायत पर नगर निगम और तहसीलदार को तत्काल जांच सौंपी गई।

संजय कॉलोनी की विधवा पूजा देवी ने बताया कि पति के निधन के बाद ननदों ने मकान पर कब्जा कर उसे बच्चों सहित मायके रहने पर मजबूर कर दिया। अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम विकासनगर को इस मामले में तुरंत एक्शन लेने को कहा गया। घेरलू हिंसा से पीड़ित जोगीवाला की तुलसी देवी और निरंजनपुर की फूलों देवी ने पति द्वारा मारपीट और दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस और प्रशासन को तुरंत पीड़िता की मदद के निर्देश दिए गए।

जमीन से जुड़े विवादों और सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। केदारपुरम की अनीता गुप्ता ने रजिस्ट्री में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए बताया कि पति की मृत्यु के बाद, पूरा पैसा लेने के बावजूद विक्रेता ने धोखा देकर जमीन अपने नाम ही रख ली। इस फर्जीवाड़े की जांच जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सौंपी गई है। ग्राम पंचायत झाझरा में एक वार्ड सदस्य द्वारा और डोईवाला के कान्हरवाला में ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायत पर बीडीओ और एसडीएम डोईवाला को तत्काल पैमाइश कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल