उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सात अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम प्रदान किया
नैनीताल, 29 मई (हि.स.)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 16 तथा उत्तराखंड उच्च न्यायालय (वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम) नियमावली, 2018 के अंतर्गत सात अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में पदनाम प्रदान किया है। इस संबंध में उच्च न्यायालय के महानिबंधक योगेश कुमार गुप्ता ने अधिसूचना जारी की है।
अधिसूचना के अनुसार उच्च न्यायालय की 23 जुलाई 2025 को आयोजित बैठक में लिये गये निर्णय के आधार पर यह पदनाम तत्काल प्रभाव से प्रदान किया गया है। जिन अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया है, उनमें बीडी कांडपाल, आरएस सम्मल, लोकेंद्र डोभाल, अमित भट्ट, सत्येंद्र सिंह लिंगवाल, विजय भट्ट तथा जगजीत सिंह विर्क शामिल हैं।
उच्च न्यायालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह पदनाम अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुरूप प्रदान किया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता का पदनाम विधि क्षेत्र में विशेष अनुभव, दक्षता तथा उल्लेखनीय योगदान को मान्यता प्रदान करने के उद्देश्य से दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ अधिवक्ता का पदनाम प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिवक्ता न्यायालय में विशिष्ट हैसियत प्राप्त करते हैं तथा उन्हें नियमावली में निर्धारित दायित्वों एवं मर्यादाओं का पालन करना होता है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी