आयुर्वेदिक उपचार से महिला के सिर पर बाल कम होने की समस्या खत्म

 

नई टिहरी, 10 अक्टूबर (हि.स.)। सिर की त्वचा पर जगह-जगह बाल कम होने की समस्या से जूझ रही एक महिला के लिए आयुर्वेदिक उपचार वरदान साबित हुआ है। अपर जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी डॉ. वंदना डंगवाल ने महिला का उपचार कर इस समस्या से निजात दिलाई है।

जिला आयुर्वेदिक अस्पताल पहुंची सुनीता छह माह से सिर के बाल झड़ने की समस्या से जूझ रही थी। जांच में महिला के सिर पर दो-तीन पैच पाए गए। चिकित्सीय रूप में इसे एलोपेसिया एरेटा के रूप में दर्ज किया गया। जिसका उपचार आयुर्वेदिक संदर्भ इंद्रलुप्त से जोड़ा गया। डा. वंदना ने उपचार की योजना तैयार की।

इस दौरान अंतर्गत शोधन चिकित्सा में दीपन पाचन, जलौकावचरण सप्ताह में एक बार दो माह तक किए जाने की योजना बनाई गई। जिसमें करीब आठ सिटिंग निर्धारित थी। इसके साथ शमन चिकित्सा (आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग),लेपन कर्म (स्थानीय लेप) का भी प्रयोग किया गया। आयुर्वेदिक औषधियों में संजीवनी वटी, महामंजिष्ठादि क्वाथ, भृंगराज चूर्ण, त्रिफला चूर्ण और भृंगराज चूर्ण लेप भी तैयार किया गया।

उपचार के दौरान रोगी की स्थिति को क्लीनिकल फोटोग्राफ्स के माध्यम से दस्तावेजीकृत किया गया। उपचार के बाद रोगी के लक्षणों में धीरे-धीरे सुधार दिखाई देने लगा। धीरे-धीरे प्रभावित स्थानों पर बाल वापस आने लगे और पैचेज का क्षेत्र कम होने लगा है। डॉ. वंदना ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोग होने के बाद उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का भी मार्गदर्शन करता है।

आयुर्वेदिक जीवनशैली में संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, स्वच्छता और प्रकृति के अनुरूप जीवन को महत्व दिया जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी