योग शिक्षकों ने सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप

 

पौड़ी गढ़वाल, 19 जून (हि.स.)। योग दिवस पर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सेवारत योग शिक्षक काला फीता बांधकर विरोध जताएंगे। सम्मानजनक वेतन देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर योग शिक्षकों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। योग शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद योग शिक्षक नियमित बेहतर सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन उनकी उपेक्षा की जा रही है। उन्हें सम्मानजनक वेतन तक नहीं दिया जा रहा है। केवल पारिश्रमिक दिया जा रहा है। उन्होंने योग आयोग के गठन की मांग भी की है।

योग अनुदेशक संघ की बैठक में संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड के समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 500 योग शिक्षक तैनात हैं। जनपद पौड़ी में 68 योग शिक्षक सेवारत हैं। कहा कि योग शिक्षकों की नियुक्ति को आगामी 12वें विश्व योग दिवस पर 3

वर्ष 41 दिन की सेवाएं पूर्ण कर रहे हैं। कहा कि सेवारत पुरुष योग शिक्षकों को 8 हजार और महिला योग शिक्षकों को 5 हजार पारिश्रमिक दिया जा रहा है। जबकि योग शिक्षक लगातार वेतन/सम्मानजनक मानदेय, समयप्रद मानदेय की मांग कर रहे हैं। बताया कि पौड़ी जनपद की विषम पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों में भी योग शिक्षक बेहतर सेवाएं दे रहे हैं।

।कहा कि कक्षा 1 से 12वीं तक योग शिक्षा को उत्तराखंड में लागू किए जाने का दावा सरकार ने किया। लेकिन अभी तक उसे अमलीजामा नहीं पहनाया गया। योग अनुदेशिका पुष्पा बिष्ट व साधना सिंह ने बताया कि राज्य व केंद्र सरकार महिलाओं के हित में महिला सशक्तिकरण और महिला आरक्षण बिल की बात कर रही है। लेकिन महिला योग शिक्षकों के साथ लगातार सरकार द्वारा सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। कहा कि योग शिक्षा, छात्रहित व योग शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य के लिए योग आयोग का गठन किया जाय।

संघ ने स्थायी नियुक्ति दिए जाने, सम्मानजनक वेतन सहित अन्य मांगो के समाधान की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने एक स्वर में सरकार की उपेक्षा के खिलाफ आगामी विश्व योग दिवस पर काला फीता बांधकर सेवाएं देंगे। इस अवसर पर योग अनुदेशक नरेश लाल, मनिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह