महिला आरक्षण पर संसद के विशेष सत्र का भाजपा ने किया स्वागत, भट्ट बाेले- कानून निर्माण में महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी
देहरादून, 07 अप्रैल (हि.स.)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने महिला आरक्षण को लेकर प्रस्तावित संसद का विशेष सत्र का स्वागत करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता बताया है। उन्होंने कहा कि इस पहल से वर्ष 2029 से कानून निर्माण में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
मंगलवार काे मीडिया को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। नारी शक्ति वंदना अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
भट्ट ने कहा कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के उद्देश्य से विशेष सत्र बुलाया गया है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था से किसी भी राज्य की मौजूदा सीटों में कमी नहीं होगी, बल्कि महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटों का प्रावधान किया जाएगा।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जो दल पहले इस कानून को शीघ्र लागू करने की मांग कर रहे थे, वही अब इसकी समयसीमा और परिसीमन को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुकी है और सभी आशंकाओं का समाधान किया जा चुका है।
भट्ट ने उम्मीद जताई कि महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी दल राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग करेंगे और विशेष सत्र में सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद की विशेष बैठक बुलाई है। इस विशेष सत्र में देश की महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया सकता है। इससे न केवल महिलाओं के राजनीतिक भविष्य सुरक्षित हाेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल